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मृत बच्चे को पीठ पर लेकर समुद्र में घूमती रही डॉल्फिन, वीडियो देख आ जाएंगे आंसू

मृत बच्चे को पीठ पर लेकर समुद्र में घूमती रही डॉल्फिन, वीडियो देख आ जाएंगे आंसू

ABP न्यूज़ 2 months ago

हिंद महासागर की गहराइयों से मां के असीम प्यार और गहरे दर्द की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने दुनियाभर के लोगों का दिल झकझोर कर रख दिया है. फ्रैगल नाम की एक 'बॉटलनोस डॉल्फिन' अपने दो हफ्ते के मरे हुए बच्चे के शव को करीब 6 दिनों तक अपनी पीठ और सिर पर संभालकर तैरती रही.

इस दुखद और भावुक नजारे का ड्रोन व्यू सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो देखकर यूजर्स भी भावुक हो गए हैं और अब तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

मां का दर्द, पहले भी खो चुकी है अपने 4 बच्चों को

ऑस्ट्रेलियाई संरक्षण संगठन 'जियोग्राफ मरीन रिसर्च' ने इस पूरे मामले का ड्रोन फुटेज कैप्चर किया है. इस संगठन के शोधकर्ताओं ने एक बेहद चौंकाने वाला और दुखद खुलासा करते हुए बताया कि फ्रैगल के साथ यह हादसा पहली बार नहीं हुआ है. वह इससे पहले भी अपने 4 बच्चों को खो चुकी है. 5वें बच्चे की मौत के बाद भी वह हिम्मत हारने को तैयार नहीं थी और कई दिनों तक उसे पानी की सतह पर तैरने में मदद करती रही. वैज्ञानिकों के मुताबिक, डॉल्फिन माएं अक्सर अपने मृत बच्चे को खुद से अलग करने के बजाय उसे कई दिनों तक अपनी चोंच या पीठ पर रखकर साथ तैरती हैं.

पूरे समूह ने नहीं छोड़ा साथ, छाया की तरह तैरती रहीं दूसरी डॉल्फिन्स

इस वीडियो का सबसे भावुक करने वाला हिस्सा यह था कि फ्रैगल इस मुश्किल घड़ी में अकेली नहीं थी. उसके डॉल्फिन समूह के दूसरे सदस्यों ने उसे अकेला नहीं छोड़ा. वे पूरे सफर के दौरान फ्रैगल के साथ-साथ तैरते रहे, उसे थोड़ी दूरी पर अपनी जगह दी और उसका पूरा सहारा बने रहे. मरीन बायोलॉजिस्ट्स का मानना है कि डॉल्फिन और व्हेल जैसे जीवों में इंसानों की तरह ही बहुत मजबूत सामाजिक रिश्ते और शोक मनाने की गहरी संवेदनाएं होती हैं.

सोशल मीडिया पर लोग हुए भावुक, बोले- 'सिर्फ इंसानों का हक नहीं है गम पर'

वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर कमेंट्स का सैलाब आ गया. हजारों लोगों ने मां के इस निस्वार्थ प्यार पर अपने विचार शेयर किए. एक यूजर ने लिखा, "यह इस बात का सबूत है कि जानवरों में भी भावनाएं होती हैं और वे मौत के दर्द को बखूबी समझते हैं." दूसरे यूजर ने लिखा, "सबसे खूबसूरत बात यह थी कि उसके पूरे ग्रुप ने उसका साथ नहीं छोड़ा. डॉल्फिन वाकई बेहद कमाल के जीव हैं." वहीं एक तीसरे यूजर ने कहा, "यह देखकर आंखें नम हो गईं. दुख और शोक सिर्फ इंसानों की बपौती नहीं है, जानवर भी इसे गहराई से महसूस करते हैं."

Author : शेख इंजमाम उल हक

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: ABP Live Hindi