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पहाड़ों की कामधेनु होती है बद्री नस्ल की गाय, जानें एक दिन में कितना देती है दूध?

पहाड़ों की कामधेनु होती है बद्री नस्ल की गाय, जानें एक दिन में कितना देती है दूध?

ABP न्यूज़ 0 months ago

Badri Breed Cow: उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों और ठंडी वादियों में मिलने वाली बद्री गाय किसी खजाने से कम नहीं है. इसे अक्सर पहाड़ों की कामधेनु कहा जाता है. क्योंकि यह बेहद कठिन परिस्थितियों में भी खुद को ढाल लेती है और सेहत के लिए वरदान साबित होती है.

आज के दौर में जहां लोग शुद्ध और ऑर्गेनिक चीजों के पीछे भाग रहे हैं वहां बद्री गाय का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है.

यह सिर्फ एक जानवर नहीं बल्कि पहाड़ी अर्थव्यवस्था और संस्कृति की रीढ़ है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जड़ी-बूटियां चरती है जिससे इसका दूध और घी औषधीय गुणों से भरपूर हो जाता है. अगर आप शुद्धता और ताकत की तलाश में हैं तो बद्री गाय से बेहतर ऑप्शन शायद ही कोई और मिले.

पहाड़ की ऊंचाइयों में पलने वाली अनोखी नस्ल

बद्री गाय दिखने में छोटी और फुर्तीली होती है. जिससे यह ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आसानी से चढ़ जाती है. यह गाय पूरी तरह से नेचुरल डाइट पर रहती है और हिमालय की पहाड़ियों पर उगने वाली घास और जड़ी-बूटियों को खाती है. मॉडर्न लाइफस्टाइल में जहां मिलावट का डर हर जगह है वहां इस नस्ल का दूध अपनी शुद्धता के लिए जाना जाता है.

  • यह नस्ल पूरी तरह से ऑर्गेनिक लाइफस्टाइल जीती है और जहरीले रसायनों से दूर रहती है.
  • इसका जेनेटिक स्ट्रक्चर इसे पहाड़ी बीमारियों से लड़ने में काफी सक्षम बनाता है.

वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका दूध ओमेगा-3 जैसे फैटी एसिड्स से भरपूर होता है.

एक दिन में कितना दूध देती है?

दूध के उत्पादन के मामले में यह गाय मात्रा से ज्यादा क्वालिटी पर फोकस करती है. एक स्वस्थ बद्री गाय दिन भर में लगभग 1 से 3 लीटर तक दूध देती है. हालांकि यह क्वांटिटी जर्सी या अन्य विदेशी नस्लों के मुकाबले कम लग सकती है लेकिन इसकी ताकत और पोषण की तुलना किसी और से नहीं की जा सकती.

  • औसतन एक दिन का उत्पादन 1.5 से 2.5 लीटर के बीच रहता है.
  • अच्छी देखभाल और सही चारे से यह मात्रा थोड़ी बढ़ भी सकती है.

कम दूध होने के बावजूद इसकी डिमांड मार्केट में सबसे ज्यादा रहती है.

इसके दूध और घी की रहती है डिमांड

बद्री गाय का दूध A2 टाइप का होता है जिसे पचाना बहुत आसान है और यह इम्युनिटी बढ़ाने में सुपरफूड की तरह काम करता है. आजकल के हेल्थ फ्रीक लोग इस दूध के लिए अच्छी कीमत देने को तैयार रहते हैं. इसके दूध से बना घी तो आयुर्वेदिक गुणों की खान माना जाता है जिसकी खुशबू एकदम निराली होती है.

  • इसके घी का इस्तेमाल कई तरह की आयुर्वेदिक दवाओं और ब्यूटी थेरेपी में होता है.
  • आजकल के स्टार्टअप्स इस गाय के प्रोडक्ट्स को ग्लोबल लेवल पर ब्रांड कर रहे हैं.

यह गाय न केवल सेहत सुधार रही है बल्कि पहाड़ी किसानों की किस्मत भी बदल रही है.

Author : नीलेश ओझा

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