Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
पशु बीमा योजना में गाय-भैंस का कराएं बीमा, जानें प्रोसेस

पशु बीमा योजना में गाय-भैंस का कराएं बीमा, जानें प्रोसेस

Mukhyamantri Mangala Pashu Bima Yojana: पशुपालन ग्रामीण भारत में किसानों और पशुपालक परिवारों की आय का एक बेहद मजबूत और भरोसेमंद जरिया है. लेकिन किसी गंभीर बीमारी, अचानक हुई दुर्घटना या किसी अन्य अनहोनी के कारण जब किसी पशु की अकाल मृत्यु हो जाती है, तो पशुपालकों को बहुत बड़ा आर्थिक झटका लगता है.

इसी वित्तीय जोखिम को कम करने और पशुपालकों को मजबूत आर्थिक सुरक्षा देने के मकसद से राजस्थान सरकार ने 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' की शुरुआत की है.

इस जनकल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के पशुपालकों के कीमती पशुधन का पूरी तरह नि:शुल्क बीमा करके उन्हें मुश्किल समय में बड़ा आर्थिक सहारा प्रदान करना है. इस योजना के अंतर्गत गाय, भैंस, भेड़, बकरी और ऊंट जैसे महत्वपूर्ण पशुओं के लिए फ्री बीमा कवरेज दिया जा रहा है. राज्य सरकार द्वारा इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत भी कर दी गई है. चलिए आपको बिल्कुल आसान भाषा में समझाते हैं कि इस योजना के तहत किस पशु पर कितनी मदद मिलेगी और इसके लिए आवेदन करने का पूरा प्रोसेस क्या है.

किस पशु पर कितनी मिलेगी बीमा राशि?

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुओं का मूल्य उनके प्रकार और प्रतिदिन दूध उत्पादन की क्षमता के आधार पर तय किया गया है. दुधारू गाय के लिए 3000 रुपये प्रति लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन के हिसाब से अधिकतम 40000 रुपये तक की बीमा राशि तय की गई है. वहीं दुधारू भैंस के लिए 4000 रुपये प्रति लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन के हिसाब से अधिकतम 40000 रुपये तक का रिस्क कवर मिलता है.

इसके अलावा बकरी और मादा भेड़ के लिए अधिकतम 4000 रुपये प्रति पशु और ऊंट के लिए अधिकतम 40000 रुपये तक का बीमा कवर दिया जा रहा है. यह बीमा राशि पशुपालकों को किसी भी अनहोनी की स्थिति में आर्थिक रूप से टूटने से बचाती है और नया पशु खरीदने में मदद करती है.

एक जनाधार पर कितने पशुओं का करा सकते हैं बीमा?

इस योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ स्पष्ट सीमाएं तय की गई हैं, जिससे राज्य के ज्यादा से ज्यादा पशुपालक परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके. योजना के तय नियमों के मुताबिक एक जनाधार कार्ड धारक पशुपालक परिवार अधिकतम 2 दुधारू गाय, 2 दुधारू भैंस जिसमें 1 गाय और 1 भैंस भी शामिल है, 10 बकरियां, 10 भेड़ें और 10 ऊंटों का फ्री बीमा करा सकता है.

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पशुपालकों को इसके लिए अपनी जेब से एक भी रुपये का प्रीमियम शुल्क नहीं देना है. बीमा का यह पूरा खर्च राजस्थान सरकार खुद अपने खजाने से उठाएगी, जिससे छोटे किसानों पर कोई आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा.

आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी?

योजना में शामिल होकर लाभ उठाने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है और उसके पास वैध जनाधार कार्ड होना जरूरी है. आवश्यक कागजातों की बात करें तो आवेदन के समय जनाधार कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक, चालू मोबाइल नंबर और संबंधित पशु का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (हेल्थ सर्टिफिकेट) होना बेहद जरूरी है.

ध्यान रहे कि योजना के तहत केवल उन्हीं पशुओं का बीमा मान्य किया जाएगा. जो पहले से किसी दूसरी सरकारी या प्राइवेट बीमा योजना के अंतर्गत बीमित न हों. सभी दस्तावेजों की सही जांच के बाद ही आपका आवेदन स्वीकार किया जाएगा और बीमा पॉलिसी जारी की जाएगी.

मंगला पशु बीमा योजना में कैसे करें ऑनलाइन अप्लाई?

सरकार ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और बेहद सुविधाजनक बनाया है. पशुपालक आधिकारिक पोर्टल mmpby2526.rajasthan.gov.in या मंगला पशु बीमा योजना मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे खुद आवेदन कर सकते हैं. अगर आपके पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है.

तो आप नजदीकी ई-मित्र कियोस्क पर जाकर भी अपने जनाधार के जरिए आसानी से अप्लाई करवा सकते हैं. यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर हो रहा है. इसलिए योजना का निर्धारित लक्ष्य पूरा होने से पहले तुरंत अपना आवेदन पूरा कर लें. अगर आवेदन में कोई परेशानी आए तो पोर्टल पर मदद ले सकते हैं.

Author : नीलेश ओझा

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: ABP Live Hindi