Personal Loan Eligibility: कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर एजुकेशन लोन चल रहा हो तो क्या पर्सनल लोन मिल सकता है. दरअसल, मौजूदा समय में कई युवा प्रोफेशनल्स ऐसी स्थिति में होते हैं, जहां एजुकेशन लोन के साथ-साथ अतिरिक्त पैसों की जरूरत पड़ती है.
अचानक आने वाले खर्च या पैसों की कमी के चलते पर्सनल लोन एक विकल्प बन जाता है. आइए जानते हैं, दोनों को एक साथ कैसे मैनेज किया जा सकता है. साथ ही इसपर बैंक किस तरह से अपना कंट्रोल रखती है...
क्या एजुकेशन लोन के साथ पर्सनल लोन मिल सकता है?
अगर आपके ऊपर पहले से एजुकेशन लोन चल रहा है, तो भी पर्सनल लोन लेना पूरी तरह मना नहीं है. लोन देने वाली बैंक या लेंडर आपकी आमदनी, क्रेडिट स्कोर और पहले से चल रहे कर्ज को देखकर फैसला लेती है.
अगर आप नया लोन संभाल सकते हैं तो आपको लोन मिलने में दिक्कत नहीं होगी. अगर आपकी इनकम दोनों EMI को आराम से कवर करती है, तो पर्सनल लोन मिलने की संभावना ज्यादा होती है.
ध्यान रखने वाली बात यह है कि ज्यादातर लेंडर पर्सनल लोन का इस्तेमाल सीधे एजुकेशन लोन चुकाने के लिए मंजूर नहीं करते. अगर आप अप्लाई करते समय यह वजह बताते हैं, तो आपका लोन रिजेक्ट भी हो सकता है. साथ ही नियमों के तहत कार्रवाई भी संभव है. इसलिए लोन लेने से पहले उसकी शर्तों को ठीक से समझना जरूरी होता है.
एजुकेशन लोन और टैक्स लाभ को समझें
बहुत से लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि एजुकेशन लोन पर दिया गया ब्याज टैक्स धारा 80E के तहत टैक्स में राहत देती है. जिसकी तय सीमा 2.5 लाख रुपये तक होती है. हालांकि अगर आप एजुकेशन लोन को भरने के लिए पर्सनल लोन लेते हैं, तो आपको टैक्स लाभ नहीं मिलती है.
क्योंकि पर्सनल लोन के ब्याज पर कोई छूट नहीं मिलती. इसलिए लोन से जुड़ा फैसला लेते समय इस पहलू को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से आपको आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
एजुकेशन लोन और पर्सनल लोन में क्या फर्क है?
पढ़ाई से जुड़े खर्च पूरे करने के लिए लिया जाने वाला एजुकेशन लोन खास तौर पर कॉलेज, यूनिवर्सिटी या प्रोफेशनल कोर्स के लिए दिया जाता है. इसमें फीस, किताबें, हॉस्टल और अन्य जरूरी खर्च शामिल होते हैं. एजुकेशन लोन पर आमतौर पर ब्याज दर कम होती है, पढ़ाई पूरी होने तक भुगतान में राहत (मोराटोरियम) मिलती है.
वहीं, पर्सनल लोन का इस्तेमाल मेडिकल खर्च, शादी, यात्रा या घर से जुड़े काम करने के लिए किया जाता है. इस तरह के लोन पर ब्याज दर ज्यादा होती है. साथ ही मोराटोरियम जैसे लाभ भी नहीं मिलते है.
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Author : सुगम कुमार सिंह

