कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलने के आरोप लग रहे हैं. इस बीच पूर्व आईपीएस किरण बेदी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि दिक्कत यहां आती है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट सीधा ही सीधा आर्म्स फोर्सेज के साथ टकराव में क्यों आए?
ये हमारे सिस्टम की कमी है. ये ब्रिटिश सिस्टम है. हर लॉ एंड ऑर्डर और लाठीचार्ज पर आर्म्ड फोर्स लाओ, ये गलत है.
हमें ब्रिटिश सिस्टम से निकलना होगा- किरण बेदी
पूर्व आईपीएस ने आगे कहा, "इसका दुरुपयोग हो रहा है. हमको इस ब्रिटिश सिस्टम से निकलना होगा. स्टूडेंट प्रोटेस्ट का पहला लाइन ऑफ डिफेंस सिविल पुलिस यानी सिविल डिफेंस है. हम क्यों नहीं सिविल डिफेंस को यूज करते हैं. सिविल डिफेंस तो युवा हैं, ट्रेंड हैं. हर स्टेट में हैं. पहली लाइन में युवा मेन और वुमेन होंगे. उनके पास कोई लाठी नहीं होगी."
सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस वुमेन पुलिस हो- किरण बेदी
किरण बेदी ने कहा, "अगर अनलॉफुल एसेंबली हो गई तो पहला आपका सामना सिविल डिफेंस से होगा. उनके पास तो लाठी है ही नहीं तो लाठीचार्ज कैसे होगा. इसका मतलब रुकावट है. अगर आप बैरिकेड को तोड़ते हो तो सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस वुमेन पुलिस कर दीजिए. तो क्या वुमेन पुलिस को अटैक करोगे? कैमरा आपको वॉच कर रहा है. उनके पास भी लाठियां नहीं हैं लेकिन हेडगियर है, बॉडी आर्मर है ताकि पथराव से बचें और चोट न लगे."
'भीड़ के बेकाबू होने पर अंतिम उपाय आर्म्ड पुलिस हो'
उन्होंने ये भी कहा, ''अगर प्रदर्शनकारी बेकाबू हो रहे हैं तो अंतिम उपाय आर्म्ड पुलिस होनी चाहिए. ये स्थिति को देखकर बल प्रयोगी करेगी. ये उसकी जिम्मेवारी है कि वाटर कैनन का इस्तेमाल करना है या लाठीचार्ज या फिर टियर गैस का इस्तेमाल करना है. लास्ट स्टेज पर अगर आपने हथियार का इस्तेमाल किया तो कैमरा बताएगा कि कौन क्या कर रहा था. कौन व्यक्ति आग लगा रहा था क्योंकि उसमें तमाशबीन भी जुड़ जाएंगे, जानबूझकर आग लगाएंगे. ऊपर से ड्रोन चलने चाहिए. तब पता चल जाएगा कि किसने क्या किया?
हम प्रदर्शनकारियों को पार्लियामेंट हाउस के दरवाजे दिखा रहे- किरण बेदी
देश की पहली महिला IPS किरण बेदी आगे कहा, ''प्रोटेस्ट में अगली गलती जो मैंने देखी वो ये हुई है कि कोई बैरियर नहीं है, आप सीधा आर्म्ड फोर्स के साथ आगे बढ़ रहे हैं. पहले कोई बैरियर नहीं है. सेफ्टी जोन नहीं है. जैसे बीएसएफ होती है आर्म्ड फोर्स पर, उसी एंगल से मैं ये कह रही हूं. हम प्रदर्शनकारियों को पार्लियामेंट हाउस के दरवाजे दिखा रहे हैं.
प्रदर्शन को रामलीला मैदान में शिफ्ट करना चाहिए- किरण बेदी
उन्होंने कहा कि क्यों डेस्टिनेशन हम पार्लियामेंट हाउस दिखा रहे हैं? इसे रामलीला मैदान में शिफ्ट करना चाहिए. जंतर-मंतर छोटी सी है और बिल्कुल मार्केट के सामने है. मार्केट को भी बंद नहीं करना पड़ेगा. यहां प्रोटेस्ट के दौरान मार्केट का सारा बिजनेस ठप हो जाता है. लोगों ने दुकानें बंद कर दी क्योंकि यहां लूटपाट भी शुरू हो गई थी.
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Author : अजीत कुमार, स्टेट डेस्क

