जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ सफल हुआ था. इस आंदोलन की शुरुआत करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब आगे क्या करेगी? यह सवाल सभी के मन में है.
विधानसभा चुनाव 2027 और लोकसभा चुनाव 2029 से पहले लोगों को यह जानने की उत्सुकता है कि क्या सीजेपी भी अब पार्टियों की उस लिस्ट में आएगी जहां युवा जाकर उन्हें वोट कर सकें? इन सवालों का जवाब सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने साफ साफ दे दिया है.
सौरव दास ने कहा, "युवाओं की ऐतिहासिक जीत के बाद हमसे कई बार सवाल किया गया कि यह आंदोलन अब कहां जाएगा, इसकी क्या दिशा होगी? इसी के बारे में सोचने और उसकी स्ट्रेटजी बनाने के लिए हम लोग औरंगाबाद आए हैं. यहां आकर हम डिस्कशन करेंगे. दो दिन की मीटिंग रखी गई है. इसके बाद सोचेंगे कि आगे इस मूवमेंट को ग्रासरूट पर कैसे ले जाएं."
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सौरव दास ने बताया कि उन्हें ग्राउंड पर बहुत समर्थन मिल रहा है. हम लोग चाहते हैं कि जो लोग हमें सपोर्ट करते हैं, उनके पास जाएं और उनके दुख समझें. युवाओं के लिए एक अच्छा सा एजेंडा लाने के लिए हम मीटिंग करेंगे. दो दिन की मीटिंग के बाद 6 अगस्त को जब कुछ फाइनल होता है तो हम मीडिया से बात करेंगे, युवाओं से भी बात करेंगे और उन्हें बताएंगे कि आगे क्या करेंगे.
क्या राजीतिक दल बनेगी CJP? सौरव दास ने कर दिया क्लियर
क्या कॉकरोच जनता पार्टी एक राजनीतिक दल बनेगा? यह सवाल सभी के मन में है, जिसपर अब सौरव दास ने जवाब दे दिया है. सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि ऐसा कुछ नहीं होगा. सीजेपी एक पार्टी नहीं बल्कि आंदोलन है. इस देश में एक प्रेशर ग्रुप होना बहुत जरूरी है. हम पहले भी बता चुके हैं कि इस देश में बहुत सारी पॉलिटिकल पार्टिया हैं. करीब 750-800 राजनीतिक दल भारत में काम कर रहे हैं. अगर लोगों को अभी भी दुख है, वो अभी भी परेशान हैं तो इसका मतलब यही है कि जवाब पॉलिटिकल पार्टी नहीं है. अब ग्राउंड लेवल पर आंदोलन की, जागरूकता की जरूरत है. कॉकरोच जनता पार्टी यही करने की कोशिश करेगी.
जेन-ज़ी चाहता है कि CJP राजनीति में आए
कॉकरोच जनता पार्टी एक ऐसा मूवमेंट है जो कि सोशल मीडिया से शुरू हुआ था, जहां जेन-ज़ी ने उससे कनेक्ट किया. अब देश की युवाओं की भी यही मांग है कि सीजेपी एक पार्टी बने. इसपर सौरव दास ने कहा कि वह सारी मांगों को सुन रहे हैं और लोगों से फीडबैक ले रहे हैं लेकिन हमें यह लगता है कि इस टाइम पर पॉलिटिकल पार्टी की जरूरत नहीं है बल्कि जन आंदोलन की जरूरत है.
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Author : निमिषा श्रीवास्तव

