Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों के लेकर सख्त हुए CS, अब होगा एक्शन

राजस्थान के सरकारी अस्पतालों के लेकर सख्त हुए CS, अब होगा एक्शन

राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रहे गंभीर मामलों के बाद चीफ सेक्रेटरी वी. श्रीनिवास ने सख्त रुख अपनाया है. प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों और कुचामन सिटी के सरकारी अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों की तबीयत बिगड़ने की घटनाओं को लेकर शनिवार (1 अगस्त) को जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में हाई लेवल समीक्षा बैठक बुलाई गई. बैठक में स्वास्थ्य विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

चीफ सेक्रेटरी वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में अब किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मरीजों को इलाज में परेशानी होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

बैठक में प्रत्येक मरीज की मेडिकल हिस्ट्री तैयार करने के निर्देश

बैठक में उन्होंने हर गंभीर मरीज की लगातार मॉनिटरिंग करने, प्रत्येक मरीज की मेडिकल हिस्ट्री तैयार करने और उसका पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हर मरीज की जिंदगी बचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. कुचामन सिटी में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद बीमार हुए मरीजों के मामले में भी मुख्य सचिव ने बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और चल रही जांच की विस्तृत जानकारी ली. अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है. बैठक के बाद मुख्य सचिव बिना मीडिया से बातचीत किए रवाना हो गए.

बैठक के दौरान सुरक्षित मातृत्व सेवाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई. चीफ सेक्रेटरी ने गर्भवती महिलाओं के लिए रेफरल परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने, सुरक्षित प्रसव और जननी एक्सप्रेस सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिए कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से एक-दो दिन पहले ही उच्च स्तरीय अस्पताल में रेफर किया जाए.

बांके बिहारी मंदिर में चढ़ा हीरा बदला? 2024 में किया था दान

एनीमिया और हाईपरटेंशन के उपचार के लिए प्रदेश में एक समान SOP लागू

उन्होंने एनीमिया और हाईपरटेंशन के उपचार के लिए पूरे प्रदेश में एक समान एसओपी लागू करने, 104 और 108 एंबुलेंस सेवाओं की नियमित समीक्षा करने तथा रक्त की कमी के कारण किसी भी गर्भवती महिला की मौत नहीं होने देने के निर्देश दिए. जरूरत वाले क्षेत्रों में विशेष रक्तदान शिविर लगाने के भी आदेश दिए गए. मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और हर मामले की सख्ती से निगरानी होगी.

'लुगाई वापस लाओ...', सीकर में पत्नी के लिए टंकी पर चढ़ा पति

Author : मोहम्मद मोईन

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: ABP Live Hindi