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Right Age for Ear and Nose Piercing: नाक-कान छिदवाने की सही उम्र क्या है, क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

Right Age for Ear and Nose Piercing: नाक-कान छिदवाने की सही उम्र क्या है, क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

Right Age for Ear and Nose Piercing: भारत में ज्यादातर परिवारों में बच्चे का कान नाक छिदवाने का परंपरा है. कई बार ज्यादातर लोगों को सही जानकारी नहीं होती है कि वे किस उम्र में अपने बच्चे के नाक-कान छिदवाएं.

इस पर जरूरी है कि ये बात जान लें कि इस बात पर डॉक्टर्स की क्या राय है? वे क्या सलाह देते हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, अगर कान-नाक छिदवाने का काम बहुत सफाई के साथ किया जाए तो ये बात मायने नहीं रखती है कि आप किस उम्र में नाक छिदवा रहे हो. दरअसल, इसमें कोई खतरा नहीं होता है. हालांकि, डॉक्टर्स यह भी सलाह देते हैं कि जब तक बच्चा खुद अपने आप कान और नाक के घाव की सफाई और देखभाल करने लायक न हो जाए, तब तक माता पिता को इंतजार करना चाहिए. अगर परिवार की परंपरा या संस्कृति की वजह से जल्दी कान छिदवाना जरूरी लगे तो डॉक्टर्स सुझाव देते हैं कि कम से कम 2 महीने की उम्र तक रुकें, जब तक बच्चे को शुरुआती टीके न लग जाएं. इससे इन्फेक्शन का खतरा काफी कम हो जाता है. नवजात बच्चों में इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, इसलिए बहुत छोटी उम्र में कान छिदवाने से इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है.

कान छिदवाते समय किन बातों का रखें ध्यान?

कान- नाक छिदवाते समय उम्र के साथ-साथ कुछ सावधानियां पर रखनी चाहिए. सबसे पहली बात कि हमेशा किसी ट्रेंड प्रोफेशनल से ही ये काम करवाएं, जो साफ और सुरक्षित औजारों का इस्तेमाल करता हो. आज के समय में ज्यादातर जगहों पर कान छेदने के लिए छिदने वाले गन के इस्तेमाल करते हैं लेकिन एस पर डॉक्टर्स बताते हैं कि गन से छेद करवाने कि जगह पर सुई से छेद करवाना ज्यादा बेहतर होता है, क्योंकि इससे इन्फेक्शन और घाव पर निशान पड़ने का खतरा कम होता है.

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नाक छिदवाने के बारे में डॉक्टर्स की राय

नाक छिदवाने को लेकर भी वही सावधानियां लागू होती हैं जो कान छिदवाने में बताई गई हैं. भारतीय संस्कृति में नाक छिदवाने का चलन बहुत पुराना है, लेकिन डॉक्टर्स की सलाह है कि यह काम भी सिर्फ किसी अच्छी जगह और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने वाले प्रोफेशनल से ही करवाना चाहिए. छोटे बच्चों की नाक में इन्फेक्शन का खतरा कान से भी ज्यादा हो सकता है, क्योंकि नाक का हिस्सा ज्यादा नाजुक होता है और बच्चे बार-बार नाक कि तरफ हाथ लगाते हैं, जिससे घाव के बड़ जाने का खतरा बना रहता है. इसलिए डॉक्टर्स सुझाव देते हैं कि जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए और खुद अपनी सफाई का ध्यान रख सके, तभी नाक छिदवाना ज्यादा सुरक्षित रहता है.

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Author : एबीपी लाइव

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