भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने बड़ा खुलासा किया. सगवाह ने बताया कि आखिर क्यों उन्होंने टीम इंडिया का हेड कोच बनने का फैसला नहीं किया था. विराट कोहली और बीसीसीआई के सचिव के कहने के बाद भी सहवाग ने रोल को ठुकरा दिया था.
अब उन्होंने खुद बताया कि आखिर उनके मना करने की वजह क्या थी.
यह उस वक्त की बात है, जब अनिल कुंबले हेड कोच की भूमिका निभा रहे थे. तत्कालीन कप्तान विराट कोहली के कोच कुंबले के साथ रिश्ते ठीक नहीं थे. रिश्तों में खटास बढ़ती गई और जून 2017 में कुंबले ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. अब सालों के बाद सहवाग ने बताया कि कैसे बिल्कुल करीब आकर उन्होंने कोच बनने से इनकार कर दिया था.
कोहली और BCCI सचिव ने किया था अप्रोच
अगर विराट कोहली और उस वक्त के बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी मुझे अप्रोच नहीं करते, तो मैं अप्लाई भी नहीं करता. उन्होंने मेरे साथ एक मीटिंग रखी, जिसमें उन्होंने बताया कि विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच चीजें ठीक नहीं हैं, इसलिए वो चाहते थे कि मैं अप्लाई करूं और कोच बन जाऊं."
सहवाग ने आगे बताया कि वह 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए कॉमेंट्री पैनल में थे. अनिल कुंबले का कॉन्ट्रैक्ट उसके बाद खत्म होना था और प्लान यही था कि मैं उसके बाद वेस्टइंडीज से कोच की जिम्मेदारी में आ जाऊं.
नहीं मिला पसंदीदा स्टाफ, कर दिया इनकार
सहवाग ने आगे बताया कि पसंदीदा स्टाफ नहीं मिलने के चलते उन्होंने कोच की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था. सहवाग ने कहा, "मैंने न तो हां कहां और न ही नहीं कहा. मैंने कहा कि अगर मैं जाता हूं, तो मुझे अपना स्टाफ चाहिए होगा. सहायक कोच, बल्लेबाजी कोच, गेंदबाजी कोच, फील्डिंग कोच, फिजियो और ट्रेनर मुझे सब अपनी पसंद का चाहिए होगा. मुझे अपनी पसंद नहीं मिली, इसलिए मैं नहीं गया."
Author : मोहम्मद अलफैज

