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Window AC vs split AC: कहां लगवाएं विंडो एसी और कहां स्प्लिट एसी, कितनी अलग है दोनों की टेक्नोलॉजी?

Window AC vs split AC: कहां लगवाएं विंडो एसी और कहां स्प्लिट एसी, कितनी अलग है दोनों की टेक्नोलॉजी?

ABP न्यूज़ 2 months ago

Window AC vs split AC: उत्तर भारत सहित देशभर में गर्मियों ने दस्तक दे दी है. वहीं गर्मियों की शुरुआत के साथ ही घरों में एयर कंडीशनर की जरूरत तेजी से बढ़ जाती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये उठने लगता है कि विंडो एसी बेहतर रहता है या स्प्लिट एसी. विंडो एसी और स्प्लिट एसी दोनों ही ऐसी ठंडक देने का काम करते हैं.

लेकिन इनकी टेक्नोलॉजी, इंस्टॉलेशन, बिजली की खपत और इस्तेमाल का तरीका अलग-अलग होता है. ऐसे में सही एसी आपके कमरे के साइज, बजट और जरूरत पर निर्भर करता है. अब चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आप विंडो एसी और स्प्लिट एसी कहां लगवाएं और दोनों की टेक्नोलॉजी कितनी अलग है?

विंडो एसी और स्प्लिट एसी में क्या है फर्क?

विंडो एसी एक सिंगल यूनिट में आता है, जिसमें कंप्रेसर और कूलिंग सिस्टम एक साथ लगे होते हैं. इसे खिड़की या दीवार में फिट किया जाता है. वह स्प्लिट एसी दो यूनिट में होता है, एक इनडोर यूनिट कमरे के अंदर और दूसरा आउटडोर यूनिट बाहर लगता है.

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कहां लगवाएं विंडो एसी?

विंडो एसी छोटे और मीडियम साइज के कमरों के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है. जिन घरों में जगह सीमित होती है या इंस्टॉलेशन आसान रखना होता है वहां विंडो एसी अच्छा ऑप्शन माना जाता है. इसे लगाने में ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं होती और खर्च भी कम आता है. किराए की घर में रहने वाले लोगों के लिए भी यह सुविधाजनक रहता है, क्योंकि इसे आसानी से हटाया या शिफ्ट किया जा सकता है.

कहां लगवाएं स्प्लिट एसी?

स्प्लिट एसी बड़े कमरों, लिविंग रूम और ऑफिस या ज्यादा गर्मी वाले इलाकों के लिए बेहतर माना जाता है. यह पूरे कमरे में समान रूप से ठंडक देता है, जिससे इसमें कंप्रेसर बाहर होने की वजह से आवाज भी कम होती है. हालांकि इसे लगाने के लिए दीवारों में ड्रिलिंग और आउटडोर यूनिट के लिए अलग जगह की जरूरत होती है.

टेक्नोलॉजी में कितना अंतर?

स्प्लिट एसी में इनवर्टर तकनीक ज्यादा देखने को मिलती है जो तापमान के अनुसार कंप्रेसर की स्पीड को कंट्रोल करती है. इससे बिजली की खपत कम होती है और लंबे समय में बिल कम आता है. वहीं विंडो एसी आमतौर पर यह सुविधा कम मिलती है, जिससे यह लगातार एक ही स्पीड पर चलता रहता है. इसके अलावा बिजली खपत पूरी तरह एसी की स्टार रेटिंग और इस्तेमाल पर निर्भर करती है. अगर दोनों फाइव स्टार रेटिंग वाले हो तो खपत लगभग बराबर हो सकती है. हालांकि इनवर्टर स्प्लिट एसी लंबे समय में 30 से 50 प्रतिशत तक बिजली बचा सकता है. वहीं छोटे कमरों में विंडो एसी तेजी से ठंडक देता है, लेकिन बड़े स्पेस में स्प्लिट एसी ज्यादा प्रभावी रहता है.

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Author : कविता गाडरी

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: ABP Live Hindi