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कच्चा दूध पीने के शौकीन हैं तो जरूर जान लें ये बातें

दूध एक अपारदर्शी सफेद द्रव है जो मादाओं के दुग्ध ग्रन्थियों द्वारा बनाया जता है। नवजात शिशु तब तक दूध पर निर्भर रहता है जब तक वह अन्य पदार्थों का सेवन करने में अक्षम होता है। साधारणतया दूध में 85 प्रतिशत जल होता है और शेष भाग में ठोस तत्व यानी खनिज व वसा होता है।
एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि पाश्चुरीकृत दूध की तुलना में कच्चा दूध पीने से खाद्य जनित बीमारियों के होने का खतरा 100 गुना तक बढ़ सकता है। जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ए लिवेबल फ्यूचर (सीएलएफ) में कार्यरत मुख्य शोधकर्त्ता बेंजामिन डेविस ने कहा, "पाश्चुरीकृत दूध पीने की तुलना में कच्चा दूध पीने से खाद्य जनित बीमारी होने का खतरा 100 गुना बढ़ जाता है। हाल के दिनों में कच्चा दूध पीना अधिक लोकप्रिय हो गया है। ऐसा माना जाता है कि पाश्चुरीकृत दूध की तुलना में कच्चे दूध में अधिक प्राकृतिक एंटीबॉडी, प्रोटीन और जीवाणु होते हैं। पाश्चुरीकत दूध अधिक स्वास्थवर्धक, साफ, स्वादिष्ट और शरीर में लैक्टोस की क्षमता को घटाता है।
कांतिमय त्वचा पाने के लिये प्रयोग करें कच्‍चा दूध - नए अध्ययन से पता चला है कि आमतौर पर दूध में पाया जाने वाला माइक्रोबियल में एशचेरीचिया कोली ओ157:एच7 के साथ संक्रमणकारी सालमोनेला, कैंपीलोबेक्टर और लिस्टेरिया पाया जाता है।
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