आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में सोमवार को इंडोनेशिया पहुँचे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी', 'महासागर विजन' तथा एक स्वतंत्र, खुले एवं समावेशी हिंद-प्रशांत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।
हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया।
दिल्ली से रवाना होने से पहले, मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की उनकी यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी', 'महासागर विजन' और साथ ही ''मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत के प्रति हमारे नजरिए'' को और मजबूत करेगी।
महासागर, यानी 'सभी क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए पारस्परिक एवं समग्र विकास', सभी क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास के लिए भारत का विजन है।
उन्होंने कहा, ''2018 में इंडोनेशिया की मेरी पहली यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों के स्तर में बढ़ोतरी के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी।
मोदी की यह यात्रा जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है।

