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कराची जा रहा K2 एयरवेज़ का कार्गो प्लेन अरब सागर के ऊपर लापता हो गया

कराची जा रहा K2 एयरवेज़ का कार्गो प्लेन अरब सागर के ऊपर लापता हो गया

Awaz The Voice 3 months ago

कराची [पाकिस्तान]

'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार देर रात शारजाह से कराची जा रहा एक कार्गो प्लेन अरब सागर के ऊपर ट्रैकिंग स्क्रीन से गायब हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, K2 एयरवेज का बोइंग 737-400 जेट पाकिस्तानी एयरस्पेस में दाखिल होते समय कराची से लगभग 300 किलोमीटर पश्चिम में मॉनिटरिंग बेस से संपर्क खो बैठा।

कैप्टन ने उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी की सूचना दी थी और रीजनल कंट्रोल बेस से मदद मांगी थी। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के अनुसार, गायब हुए कमर्शियल फ्रेटर (मालवाहक विमान) में पांच क्रू मेंबर सवार थे।

PAA ने बताया कि कराची एरिया कंट्रोल सेंटर (ACC) द्वारा मॉनिटरिंग के दौरान फ्लाइट क्रू ने रात 9:18 बजे ट्रैकिंग इंस्ट्रूमेंट में खराबी की सूचना दी थी। हालांकि, रात 9:21 बजे तक, टेक्निकल मॉनिटर्स ने देखा कि विमान "तेजी से नीचे आ रहा था" और अचानक अपना रास्ता बदल रहा था। इसके तुरंत बाद, कराची से लगभग 287 किलोमीटर पश्चिम में "रडार संपर्क और कम्युनिकेशन टूट गया"। खबरों के मुताबिक, उड़ान भरने के तुरंत बाद जेट के ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) में ऑपरेशनल खराबी आ गई थी, जिससे शारजाह के पास ट्रैकिंग की सटीकता प्रभावित हुई थी।

ग्लोबल फ्लाइट-ट्रैकिंग पोर्टल 'फ्लाइटराडार' ने कहा, "शुरुआती ADS-B डेटा ऊंचाई में कमी, उसके बाद ऊंचाई में बढ़ोतरी और फिर दूसरी बार अचानक और तेजी से ऊंचाई में कमी का संकेत देते हैं।" जेट से आखिरी ब्रॉडकास्ट ट्रांसमिशन समुद्र तल से 1,100 फीट की ऊंचाई पर दर्ज किया गया था, जिसमें "वर्टिकल रेट -22,400 फीट प्रति मिनट" बताई गई थी। यह हालिया हादसा पाकिस्तान के खराब एविएशन सेफ्टी रिकॉर्ड की एक दुखद याद दिलाता है और देश की सबसे विनाशकारी हवाई दुर्घटनाओं में से एक की यादें ताजा कर देता है।

मई 2020 में, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का एक यात्री जेट, जिसमें 98 लोग सवार थे, कराची एयरपोर्ट के पास एक रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह हादसा लैंडिंग की गलत कोशिश के दौरान हुआ था और इसमें विमान में सवार लगभग सभी लोगों की मौत हो गई थी। बाद में हुई सरकारी जांच में सिस्टम की बड़ी पेशेवर लापरवाही सामने आई। जांच में यह निष्कर्ष निकला कि पायलट, को-पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टीमों की गंभीर मानवीय गलतियों के कारण ही यह जानलेवा हादसा हुआ था।

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