Bangladeshi Infiltrators Blacklisted: भारत सरकार ने देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कूटनीतिक अभियान शुरू कर दिया है.
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कर दिया है कि भारत की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध प्रवासी को बख्शा नहीं जाएगा.
वहीं भारत सरकार ने 2680 से अधिक ऐसे संदिग्ध घुसपैठियों की एक 'ब्लैक लिस्ट' तैयार की है, जिनके बांग्लादेशी होने के पुख्ता सबूत मिले हैं. यह लिस्ट आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश सरकार को सौंपकर अल्टीमेटम दे दिया गया है. इसके अलावा, भारत ने इसी मंच से अमेरिकी धरती पर भारतीयों के साथ बढ़ रही नस्लवाद की घटनाओं पर वाशिंगटन को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी जारी की है.
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जिन 2680 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की सूची ढाका भेजी गई है, उनमें से अधिकांश मामले पिछले 5 साल से ठंडे बस्ते में पड़े थे. ये वो लोग हैं जो अवैध दस्तावेजों या बिना किसी वैध परमिट के भारत के अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे.
भारत ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश सरकार से इन सभी की नागरिकता का तुरंत 'वेरिफिकेशन' (सत्यापन) करने को कहा है. दोनों देशों के बीच हुए प्रत्यर्पण और डिपोर्टेशन समझौते के तहत, जैसे ही ढाका से हरी झंडी मिलेगी, इन सभी को रातों-रात विशेष डिपोर्टेशन रूट के जरिए भारत की सीमा से बाहर निकाल दिया जाएगा.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला ऐंगल अमेरिका को दी गई सीधी चेतावनी रही. पिछले कुछ समय में अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में भारतीय छात्रों और प्रवासियों के साथ हुई नस्लीय हिंसा और भेदभाव की घटनाओं पर विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त रुख अपनाया है.
प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र (अमेरिका) में भारतीयों के साथ इस तरह का बर्ताव किसी भी कीमत पर 'अस्वीकार्य' है. भारत ने अमेरिकी प्रशासन को अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं. हालांकि, इस तल्खी के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत हैं और अगले हफ्ते अमेरिका की एक बड़ी ट्रेड टीम समझौतों को आगे बढ़ाने भारत आ रही है.
इसी कूटनीतिक ब्रीफिंग में भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर भी एक बड़ा अपडेट सामने आया. बीजिंग में दोनों देशों के बीच सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए वर्किंग मैकेनिज्म (WMCC) की 35वीं बैठक आयोजित हुई. संयुक्त सचिव स्तर के भारतीय दल ने सीमा पर डेलिमिटेशन (सीमांकन) और शांति बहाली पर बेहद गंभीर चर्चा की.
भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए चीन के सामने सीमा पार की नदियों (जैसे ब्रह्मपुत्र) के पानी के बहाव और कूटनीतिक डेटा शेयरिंग के मुद्दे पर जल्द विशेषज्ञ स्तर की बैठक बुलाने की मांग की है. जल्द ही दोनों देशों के बीच स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव (SR) स्तर की महा-बैठक होने जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस

