Amarnath Yatra Security: रवि शर्मा/अनंतनाग: पवित्र श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान सुरक्षा और सतर्कता को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है. बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात अनंतनाग पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया है.
यात्रा मार्ग के बेहद संवेदनशील सरबल इलाके में पुलिस के आधुनिक सुरक्षा तंत्र ने तीन खूंखार संदिग्धों को दबोच कर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया.
FRS तकनीक से हुआ बड़ा खुलासा (Amarnath Yatra Terrorist OGWs Arrested)
श्रीनगर-लेह मार्ग और अमरनाथ यात्रा के बेस कैंपों के आसपास सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए इस बार फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) यानी चेहरे की पहचान करने वाली अत्याधुनिक एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. सरबल इलाके में पेट्रोलिंग और चेकिंग के दौरान जैसे ही ये तीनों संदिग्ध सुरक्षा घेरे के पास पहुंचे, FRS कैमरों ने इनके चेहरों को स्कैन कर लिया. डेटाबेस से मैच होते ही सिस्टम ने तुरंत 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया, जिसके बाद वहां तैनात मुस्तैद जवानों ने बिना एक सेकंड गंवाए तीनों को चारों तरफ से घेरकर रोक लिया.
सत्यापन में खुली पोल: निकले आतंकियों के मददगार (OGWs)
हिरासत में लिए जाने के बाद जब अनंतनाग पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने तीनों संदिग्धों की बारीकी से दस्तावेजी जांच और पहचान का सत्यापन (Verification) किया, तो सुरक्षा बलों के होश उड़ गए. कड़ी पूछताछ और खुफिया इनपुट्स के आधार पर यह पुख्ता हुआ कि ये तीनों मामूली संदिग्ध नहीं, बल्कि प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) हैं, जो घाटी में आतंकियों को लॉजिस्टिक्स, रेकी और गुप्त सूचनाएं पहुंचाने का काम करते थे.
कानूनी शिकंजे में तीनों संदिग्ध
अनंतनाग पुलिस ने तीनों ओजीडब्ल्यू (OGWs) को आगे की कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई के लिए आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस और सेना की संयुक्त टीमें अब इनसे यह उगलवाने में जुटी हैं कि पवित्र यात्रा के इतने करीब ये किस नापाक इरादे से घूम रहे थे और इनके तार घाटी में सक्रिय किस आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि (Amarnath Yatra Base Camp High Alert)
इस सफल ऑपरेशन ने यह साफ कर दिया है कि बाबा अमरनाथ की यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने में केवल जवानों का शौर्य ही नहीं, बल्कि आधुनिकतम सर्विलांस तकनीक भी अचूक हथियार साबित हो रही है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पूरी यात्रा के संपन्न होने तक चप्पे-चप्पे पर ऐसी ही अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था और 'हाई-टेक एआई कैमरों' की लाइव मॉनिटरिंग जारी रहेगी, ताकि कोई भी राष्ट्रविरोधी तत्व देश की आस्था पर आंख उठाने की जुर्रत न कर सके.

