Adani Green FY26 Results: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने वित्त वर्ष 2026 के वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है, जो कंपनी के अब तक के सबसे शानदार प्रदर्शन को दर्शाते हैं. कंपनी ने इस साल 5.1 GW की रिकॉर्ड 'ग्रीनफील्ड' क्षमता जोड़ी है, जो पिछले साल के मुकाबले 1.5 गुना अधिक है.
इस जबरदस्त विस्तार के साथ ही अडानी ग्रीन की कुल परिचालन क्षमता अब 19.3 GW तक पहुँच गई है, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उसकी बादशाहत को और मजबूत करती है.
कंपनी के वित्तीय आंकड़े इसकी परिचालन मजबूती की गवाही दे रहे हैं. बिजली आपूर्ति से होने वाला राजस्व 22 प्रतिशत बढ़कर 11,602 करोड़ रुपये पर पहुँच गया है. वहीं, कंपनी का EBITDA 23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,865 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अडानी ग्रीन ने 91 प्रतिशत का 'इंडस्ट्री-लीडिंग' EBITDA मार्जिन बनाए रखा है. कंपनी का नकद लाभ भी 11 प्रतिशत बढ़कर 5,399 करोड़ रुपये हो गया है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है.
अडानी ग्रीन की इस सफलता के पीछे गुजरात के खावड़ा और राजस्थान के प्रोजेक्ट्स का बड़ा हाथ है. 538 वर्ग किमी में फैला खावड़ा प्रोजेक्ट अब दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र के रूप में तेजी से उभर रहा है. कंपनी का लक्ष्य 2029 तक यहाँ 30 GW क्षमता हासिल करने का है.
खास बात यह है कि कंपनी ने यहाँ अत्याधुनिक तकनीकों जैसे 'बाइफेशियल मॉड्यूल' और रोबोटिक सफाई का इस्तेमाल किया है, जिससे बिजली उत्पादन की दक्षता में भारी सुधार हुआ है.
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कंपनी ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पर भी फोकस बढ़ाया है. खावड़ा में 1,376 MWh की भंडारण क्षमता स्थापित की जा चुकी है, जिसे वित्त वर्ष 2027 तक 10,000 MWh से अधिक करने का लक्ष्य है.
वर्तमान में कंपनी का पोर्टफोलियो इतना विशाल हो चुका है कि यह 8.7 मिलियन (87 लाख) घरों को रोशन कर सकता है और सालाना 36 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सक्षम है, जो पर्यावरण की दृष्टि से एक क्रांतिकारी कदम है.
सिर्फ कमाई ही नहीं, बल्कि बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पर्यावरण संरक्षण (ESG) के मामले में भी अडानी ग्रीन ने शीर्ष स्थान हासिल किया है. कंपनी को 'CareEdge ESG 1+' रेटिंग मिली है, साथ ही 'Sustainalytics' और 'CDP' जैसी वैश्विक संस्थाओं ने भी इसे अपनी रैंकिंग में टॉप पर रखा है. बिजली खरीद प्रतिबद्धताओं के मामले में भी कंपनी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 106 प्रतिशत उत्पादन हासिल किया है. कुल मिलाकर, अडानी ग्रीन अब भारत के 'नेट जीरो' लक्ष्य की ओर सबसे बड़ा इंजन बनकर उभर रही है.
-भारत एक्सप्रेस

