Assam Election Results 2026: असम विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती जारी है. सुबह 11 बजे तक के शुरुआती रुझानों में बीजेपी 77 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 25 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पहली बार राज्य स्तरीय चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता गौरव गोगोई का प्रदर्शन कैसा रहता है.
हालांकि कुछ ही घंटों में साफ हो जाएगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी, लेकिन इस चुनाव में कई सीटें ऐसी हैं जहां मुकाबला सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का भी है. मुख्यमंत्री के प्रभाव वाले इलाकों से लेकर विपक्षी नेताओं के मजबूत गढ़ तक, कई बड़े नेताओं की राजनीतिक किस्मत दांव पर लगी हुई है.
जालुकबारी विधानसभा सीट को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का मजबूत गढ़ माना जाता है. शुरुआती रुझानों में चुनाव आयोग के मुताबिक, हिमंता बिस्वा 7 हजार वोटों से आगे चल रहे है. लंबे समय से इस सीट पर उनका प्रभाव बना हुआ है और यह उनके सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में से एक रही है. इस बार भी सभी की नजरें इसी सीट पर टिकी हैं कि क्या विपक्ष यहां कोई चुनौती पेश कर पाएगा या फिर सीएम सरमा अपनी जीत का अंतर और बढ़ाएंगे. मुख्यमंत्री की मौजूदगी की वजह से जालुकबारी को असम की सबसे अहम और चर्चित सीटों में गिना जाता है. यहां से कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग हैं.
जोरहाट सीट इस बार बेहद चर्चित मुकाबले में शामिल है. कांग्रेस की तरफ से यहां गौरव गोगोई चुनाव लड़ रहे हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे के तौर पर भी देखा जा रहा है. शुरुआती रुझानों में चुनाव आयोग के अनुसार, गोगोई 9 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं.
उनका सामना बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी से है, जो वर्तमान में इसी सीट से विधायक भी हैं. ऐसे में गोगोई के लिए यह मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा और इस सीट को जीतना उनके लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है.
शिवसागर सीट पर बीजेपी के कुशल दोबोरी फिलहाल बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि उनके पीछे कांग्रेस समर्थित रायजोर दल के अखिल गोगोई हैं. यह सीट इस बार विरोधी राजनीति का बड़ा केंद्र बनी हुई है. क्षेत्रीय पहचान और आंदोलन की राजनीति से जुड़े अखिल गोगोई यहां अपनी राजनीतिक ताकत दिखा रहे हैं.
वहीं नजीरा सीट पर बीजेपी के मयूर बोरगोहेन आगे चल रहे हैं. उनके मुकाबले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवब्रत सैकिया चुनाव लड़ रहे हैं. बदलते राजनीतिक माहौल में सैकिया के लिए अपनी सीट बचाए रखना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है.
बोकाखाट सीट पर बीजेपी की सहयोगी असम गण परिषद (AGP) के अध्यक्ष अतुल बोरा चुनाव मैदान में हैं और फिलहाल बढ़त बनाए हुए हैं. यह सीट बीजेपी-AGP गठबंधन की ताकत को परखने का अहम मुकाबला मानी जा रही है. दूसरी ओर, कलियाबोर सीट पर AGP के वरिष्ठ नेता और मंत्री केशव महंत आगे चल रहे हैं और अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत रखने की कोशिश कर रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस

