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बंगाल पुलिस का इंसाफ! रात के 12:45 बजे, छीनी राइफल और चली गोली, 12 साल की मासूम का दरिंदा ढेर

बंगाल पुलिस का इंसाफ! रात के 12:45 बजे, छीनी राइफल और चली गोली, 12 साल की मासूम का दरिंदा ढेर

श्चिम बंगाल (West Bengal) के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर (Baruipur) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली 'क्राइम रिपोर्ट' सामने आई है. 12 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी कर उसकी हत्या करने वाले मुख्य आरोपी प्रभास मंडल का पुलिस ने एनकाउंटर (Police Encounter) कर दिया है.

पुलिस का दावा है कि जब आरोपी को क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए ले जाया गया, तो उसने पुलिस की राइफल छीनकर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया.

रात 12:45 बजे का वो 'खौफनाक' सीन

बरुईपुर के एसपी और पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, 8 जुलाई की रात करीब 12:45 बजे जांच अधिकारी (IO) अपनी टीम के साथ आरोपी प्रभास मंडल को लेकर सूर्यापुर के क्राइम स्पॉट पर पहुंचे थे. मकसद था वारदात की रात का क्राइम सीन रिक्रिएट करना.

लेकिन, तभी आरोपी ने एक पुलिसकर्मी से अचानक राइफल छीन ली. उसने पुलिस टीम पर एक राउंड गोली चलाई और वहां से भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. सीने में गोली लगने से प्रभास घायल हो गया और अस्पताल ले जाते ही उसे मृत घोषित कर दिया गया.

एक 'कातिल' की मॉब लिंचिंग

इस खौफनाक एनकाउंटर की जड़ें 4 जुलाई को हुई उस वारदात में छिपी हैं, जब 12 साल की बच्ची लापता हो गई थी. 5 जुलाई को तालाब से उसकी लाश मिली. मामले में पुलिस ने प्रभास मंडल और आनंद सरदार समेत तीन लोगों को पकड़ा था. लेकिन, 5 जुलाई को ही भीड़ के गुस्से का कहर टूटा और शक के आधार पर इंद्रजीत तांती नाम के एक आरोपी की पीट-पीटकर (Mob Lynching) हत्या कर दी गई.

हैवानियत की सारी हदें पार

बच्ची की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) से जो सच सामने आया है, वो इंसानियत को शर्मसार करने वाला है. आरोपियों ने मासूम के सिर पर भारी चीज से वार किया था. शरीर पर खरोंच और काटने के निशान थे. सबसे दर्दनाक बात यह है कि हैवानों ने उसे जिंदा ही तालाब में फेंक दिया था! बच्ची के फेफड़ों और पेट में पानी मिला, जिससे साफ है कि उसकी मौत डूबने और खून बहने से तड़प-तड़प कर हुई थी.

महिला आयोग ने दिखाई सख्ती

इस भयानक वारदात और इसके बाद भड़की हिंसा (केंद्रीय बलों पर हमला और पुलिस की गाड़ियां फूंकना) का राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कड़ा संज्ञान लिया है. आयोग ने बंगाल के DGP से एक हफ्ते के अंदर विस्तृत 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) तलब की है. पुलिस का यह एनकाउंटर उसी सख्ती का नतीजा माना जा रहा है. अब देखना यह है कि बाकी बचे आरोपियों को कब तक फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाता है!

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Bharat Express Hindi