बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस हार पर प्रतिक्रिया देते हुए जनसुराज और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधा है.
उन्होंने दोनों दलों के बीच अंदरूनी समझ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले ही दोनों के बीच एक तरह की रणनीति तय थी.
गिरिराज सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर चुनावी राजनीति के दौरान एक-दूसरे पर कई तरह के आरोप लगाते रहे, लेकिन आने वाले समय में दोनों साथ काम करते नजर आ सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि जनसुराज और राजद के बीच पहले से ही तालमेल की स्थिति थी.
उन्होंने विपक्ष की खुशी पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और भाजपा इस हार को स्वीकार करती है. गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर पार्टी से कोई गलती हुई है तो जनता ने उसका जवाब दिया है और भाजपा इससे सीख लेगी. हालांकि, उन्होंने कांग्रेस के जश्न मनाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपचुनाव में कांग्रेस का कोई उम्मीदवार ही मैदान में नहीं था, जबकि उसके सहयोगी राजद को तीसरे स्थान पर रहना पड़ा.
गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर को दी नसीहत
केंद्रीय मंत्री ने प्रशांत किशोर पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में जनसुराज ने 243 सीटों में से 138 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे एक भी सीट पर जीत नहीं मिली. उन्होंने कहा कि किसी एक चुनावी जीत को लेकर ज्यादा अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि जनता कभी भी अपना फैसला बदल सकती है.
बांकीपुर को बेंगलुरु जैसा विकसित करने के प्रशांत किशोर के दावे पर भी गिरिराज सिंह ने तंज कसा. उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया था, फिर भी एक अलग तरह का राजनीतिक माहौल बनाया गया. अब वह देखना चाहते हैं कि प्रशांत किशोर अपने वादे के मुताबिक बांकीपुर को किस तरह बदलते हैं.
गिरिराज सिंह ने 2009 के उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी विपक्ष ने इसी तरह माहौल बनाया था, लेकिन अगले ही विधानसभा चुनाव में जनता ने एनडीए को भारी समर्थन दिया था. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता फिर से जंगलराज और गुंडाराज को स्वीकार नहीं करेगी.
इसके अलावा, संसद में विपक्ष के रवैये पर भी गिरिराज सिंह ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश में पहले कई ऐसे विपक्षी नेता रहे हैं जिन्होंने मर्यादा के साथ जनता के मुद्दे उठाए, लेकिन आज का विपक्ष केवल राजनीतिक प्रदर्शन करने में लगा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के बाहर सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान देना और संसद की कार्यवाही बाधित करना विपक्ष की गलत रणनीति को दिखाता है.
-भारत एक्सप्रेस

