आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अक्सर वक्त की कमी के चलते लोग खान-पान से समझौता कर लेते हैं और अनहेल्दी जंक फूड का सहारा लेते हैं. हालांकि आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही कुछ ऐसे विकल्पों का समर्थन करते हैं जो बिना ज्यादा समय गंवाए शरीर को भरपूर पोषण देते हैं.
ओट्स इस कड़ी में सबसे सुलभ और सेहतमंद विकल्प के रूप में उभरता है क्योंकि यह फाइबर से भरपूर और अत्यंत सुपाच्य होता है. विज्ञान के अनुसार, ओट्स में मौजूद घुलनशील फाइबर न केवल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है बल्कि दिल की सेहत को भी दुरुस्त रखता है. इसे दूध या पानी में भिगोकर फलों और शहद के साथ महज 5 मिनट में तैयार किया जा सकता है जो लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखता है.
पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए दही और फलों का मिश्रण एक बेहतरीन प्रोबायोटिक आहार साबित होता है. आयुर्वेद में दही को अच्छे बैक्टीरिया का स्रोत माना गया है जो पेट की समस्याओं को दूर रखता है और जब इसमें केला या पपीता जैसे फल मिलाए जाते हैं तो यह इम्युनिटी बढ़ाने वाला एक संपूर्ण मील बन जाता है.
इसी तरह अंकुरित दालें यानी स्प्राउट्स विटामिन्स और मिनरल्स का खजाना होती हैं. मूंग या चना को अंकुरित कर खाने से शरीर को उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन मिलता है जो मांसपेशियों की मजबूती और वजन संतुलन में सहायक होता है. इसमें थोड़ा नींबू और प्याज मिलाकर इसे स्वादिष्ट और ऊर्जावर्धक नाश्ता बनाया जा सकता है.
प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की तुरंत जरूरत को पूरा करने के लिए ब्राउन ब्रेड और पीनट बटर का संयोजन काफी प्रभावी है. आयुर्वेद में मूंगफली को बलवर्धक माना गया है जो शरीर को तत्काल शक्ति प्रदान करती है और फाइबर युक्त ब्रेड के साथ इसका सेवन पाचन को भी सुचारू रखता है.
इसके अलावा कच्चे खीरे, टमाटर, उबले आलू या पनीर से बना सैंडविच एक आदर्श हेल्दी मील है जो शरीर की दैनिक विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत को पूरा करता है. ये सभी बिना पकाए तैयार होने वाले विकल्प न केवल समय बचाते हैं बल्कि भागदौड़ भरी जीवनशैली में व्यक्ति को भीतर से फिट और ऊर्जावान बनाए रखते हैं.
-भारत एक्सप्रेस

