Bhilai Steel Plant Fire: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के पावर प्लांट-2 (PBS-2) यूनिट में मंगलवार सुबह भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई. टर्बाइन सेक्शन में हुए इस धमाके से पूरे प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया और आसमान में धुएं का काला गुबार छा गया.
इस हादसे में 7 कर्मचारी घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घटना सुबह करीब 9:30 से 9:45 बजे के बीच की है. बताया जा रहा है कि 25 मेगावाट टर्बाइन एरिया में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग की लपटें 10 फीट ऊपर तक उठने लगीं. धमाका इतना शक्तिशाली था कि वहां मौजूद कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए पीछे के रास्ते से भागने लगे. केबल जलने के कारण धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बचाव कार्य में शुरूआती दिक्कतें आईं.
हादसे के समय मौके पर कई मजदूर काम कर रहे थे. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कुल 7 लोग घायल हुए हैं. घायलों में बीएसपी के नियमित कर्मचारी और ठेका श्रमिक दोनों शामिल हैं. शिवमोहन त्रिपाठी (BSP कर्मचारी), मनीष और सुशांत (ठेका श्रमिक) सहित अन्य.
कुछ कर्मचारी आग की चपेट में आने से झुलस गए हैं, जबकि ठेका श्रमिक उमेंद्र का पैर भागने के दौरान गिरने से फ्रैक्चर हो गया है. डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज जारी है.
आग बुझाने के लिए संयंत्र प्रबंधन ने आधा दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियों को मोर्चे पर लगाया. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है. हालांकि आधिकारिक तौर पर आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक कयास लगाए जा रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग या स्टीम प्रेशर की वजह से टर्बाइन में ब्लास्ट हुआ होगा. प्लांट के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर जांच के आदेश दे दिए हैं.
हादसे के बाद प्लांट में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. यूनियन नेताओं का कहना है कि टर्बाइन सेक्शन जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह का ब्लास्ट प्रबंधन की बड़ी चूक हो सकती है. फिलहाल, नुकसान के आकलन के लिए एक तकनीकी टीम गठित की गई है जो केबल्स और मशीनरी को हुए नुकसान की जांच करेगी.

