Gram Benefit: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर को फिट रखने के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी है. लोग प्रोटीन के लिए महंगे सप्लीमेंट्स और डिब्बा बंद पाउडर पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन हमारे किचन में रखा 'चना' प्रोटीन का एक ऐसा खजाना है, जिसका मुकाबला कोई महंगा सप्लीमेंट नहीं कर सकता.
चना (Gram) न केवल पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि आयुर्वेद में भी इसे औषधि समान माना गया है. इसमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन का ऐसा मेल है जो शरीर को घोड़े जैसी ताकत देता है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि चना कैसे खाएं? भुना हुआ, भीगा हुआ या फिर सब्जी बनाकर? आइए जानते हैं किस तरीके से चना खाना आपके शरीर के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है.
अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं या फिर बार-बार लगने वाली भूख से परेशान हैं, तो भुना हुआ चना आपके लिए बेस्ट स्नैक है. इसमें कैलोरी कम होती है और फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा, जिससे इसे खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है.
फायदे: यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है और डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. हृदय रोगों के खतरे को कम करने में भी यह काफी मददगार है.
सही समय: इसे सुबह के नाश्ते या दोपहर के समय स्नैक के तौर पर खाना सबसे अच्छा रहता है.
ज्यादातर घरों में काले चने को रातभर भिगोकर सुबह उबालकर खाया जाता है. अगर आप शारीरिक मेहनत करते हैं या जिम में पसीना बहाते हैं, तो यह तरीका आपके लिए सबसे ज्यादा कारगर है.
फायदे: उबला हुआ चना शरीर को तुरंत ऊर्जा (Energy) देता है और वजन बढ़ाने या मसल्स बनाने में मदद करता है. आयुर्वेद कहता है कि चने में थोड़ा रूखापन होता है, इसलिए अगर इसे देसी घी के साथ छौंक लगाकर पकाया जाए, तो यह शरीर के 'वात दोष' को खत्म करता है और पाचन में आसान हो जाता है.
सही समय: इसे सुबह के नाश्ते या शाम को हल्की भूख लगने पर खाया जा सकता है.
गर्मियों के मौसम में चने का सत्तू किसी अमृत से कम नहीं है. भुने हुए चने को पीसकर बनाया गया यह पाउडर न केवल प्रोटीन देता है, बल्कि पेट को भीतर से ठंडा भी रखता है.
फायदे: सत्तू का शरबत पीने से शरीर की थकान दूर होती है और यह आंखों की रोशनी (नेत्र रोग) के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और लू से भी बचाता है.
आयुर्वेद के अनुसार, चने की तासीर थोड़ी भारी और रूखी होती है. ऐसे में जिन लोगों को गैस, एसिडिटी या जोड़ों के दर्द (वात दोष) की समस्या रहती है, उन्हें चने का सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए. चने को हमेशा अच्छी तरह चबाकर खाएं और बेहतर पाचन के लिए इसमें अदरक या हींग का इस्तेमाल जरूर करें.
-भारत एक्सप्रेस

