Bihar Politics Update: बिहार की सियासत में इस वक्त कुछ न कुछ ऐसा पक रहा है, जिसकी आंच ने पटना से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है. नीट (NEET) पेपर लीक विरोध और 25 जुलाई के बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार हुए जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (तेजू भैया) मंगलवार शाम बेउर केंद्रीय कारागार से रिहा हो गए हैं.
जेल की सलाखों से बाहर कदम रखते ही तेज प्रताप ने जिस अंदाज में तंज कसा और सीधे अपने पारिवारिक आवास पहुंचे, उसने पूरी पटकथा बदल दी है. इस समय बिहार की राजनीति में आए इस नए भूचाल और लालू कुनबे के भीतर फिर से लिखे जा रहे राजनीतिक समीकरण को पूरी तरह बयां करती है.
'मुझे मजबूत करने के लिए धन्यवाद!'
बेउर जेल के फाटक से बाहर आते ही तेज प्रताप यादव ने बिहार के उपमुख्यमंत्री/प्रमुख नेताओं पर सीधा और चुटीला हमला बोला. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा करते हुए लिखा-
'बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी को धन्यवाद. आख़िरकार मुझे जेल भेजकर आपने मुझे जनता के बीच और मज़बूती से खड़ा होने का अवसर दिया. इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. मैं संघर्ष से डरने वाला नहीं हूँ. जनता की आवाज़ उठाना मेरा कर्तव्य है, और उसे हमेशा उठाता रहूँगा. संघर्ष जारी रहेगा… सावन की हार्दिक शुभकामनाएँ. सावन में भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाना मत भूलिएगा और पूरे श्रद्धाभाव से जल अर्पित करते रहिए. हर-हर महादेव!'
तंज भरे इस धन्यवाद संदेश के जरिए तेजू भैया ने यह साफ कर दिया कि इस गिरफ्तारी ने उन्हें सियासी तौर पर कमजोर करने के बजाय जनता के बीच एक 'संघर्षशील नेता' के रूप में स्थापित कर दिया है.
2 महीने बाद आमने-सामने आए 'कृष्ण-अर्जुन' (Bihar political developments)
बेउर जेल के बाहर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया और बांकीपुर उपचुनाव की प्रत्याशी वीणा मानवी ने उन्हें खीर खिलाकर रिहाई की बधाई दी. लेकिन तेज प्रताप बिना मीडिया से लंबी बात किए सीधे कौटिल्य नगर स्थित पारिवारिक आवास पहुंचे. कौटिल्य नगर पहुंचते ही उन्होंने मां राबड़ी देवी के चरण स्पर्श किए. वहीं पर छोटे भाई तेजस्वी यादव पहले से उनका इंतजार कर रहे थे.
आरजेडी से निष्कासित होने और अपनी अलग पार्टी बनाने के बाद पिछले 2 महीनों से दोनों भाइयों के बीच बातचीत बंद थी. खुद को 'कृष्ण' और तेजस्वी को 'अर्जुन' कहने वाले तेज प्रताप की तेजस्वी से यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है.
क्या एक होगा लालू परिवार? (Bihar latest updates)
जेल जाने से पहले जो तेज प्रताप आरजेडी और तेजस्वी के करीबियों पर हमलावर थे, जेल से निकलते ही उनका अंदाज बदला-बदला नजर आ रहा है. एक तरफ सत्ता पक्ष पर उनका तीखा धन्यवाद-तंज और दूसरी तरफ तेजस्वी के साथ बंद कमरे की मुलाकात यह संकेत देती है कि बिहार में कुछ बड़ा पक रहा है. क्या यह मुलाकात सिर्फ पारिवारिक मिलाप है या आगामी बिहार चुनावों से पहले 'कृष्ण-अर्जुन' के एक मंच पर आने का शंखनाद? यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा.

