दिल्ली हाई कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट को तुरंत बहाल (अनब्लॉक) करने का निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को अवगत कराया कि केंद्र सरकार को इस अकाउंट को बहाल करने पर अब कोई आपत्ति नहीं है.
इसके बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने एक्स अकाउंट को अनब्लॉक करने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया.
भ्रम की आशंका अब दूर
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि यह सोशल मीडिया अकाउंट पहले इसलिए ब्लॉक किया गया था, क्योंकि इसके द्वारा किए गए पोस्ट से नीट परीक्षा के संवेदनशील समय के दौरान छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी भ्रम और अफरा-तफरी फैल सकती थी. इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अब चूंकि नीट परीक्षा पूरी तरह खत्म हो चुकी है, इसलिए सरकार की यह चिंता स्वतः दूर हो गई है. इसी आधार पर हाई कोर्ट ने दायर याचिका को मंजूर करते हुए अकाउंट अनब्लॉक करने का रास्ता साफ कर दिया.
सरकार अत्यधिक शक्ति का न करे इस्तेमाल
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि यह आदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) के अधिकार को और ज्यादा मजबूत करता है. अदालत ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सरकार को नागरिकों के ऑनलाइन विचारों और आवाजों को दबाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अत्यधिक शक्ति (Excessive Power) का उपयोग नहीं करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए गए ऐसे किसी भी प्रतिबंध की हमेशा कानूनी कसौटी पर गहन जांच होना जरूरी है.
जंतर-मंतर पर 18 दिन से प्रदर्शन जारी
गौरतलब है कि नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक और परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है. इस मांग को लेकर पिछले 18 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है.
CJI की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ आंदोलन
बता दें कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' दरअसल एक व्यंग्यात्मक (सटायरिकल) मुहिम है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से अक्सर समसामयिक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर तीखी टिप्पणी करती है. यह व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया आंदोलन सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की एक मौखिक टिप्पणी के जवाब में शुरू हुआ था.
उस सुनवाई के दौरान सीजेआई ने ऑनलाइन एक्टिविज्म की आड़ में पूरी व्यवस्था पर हमला करने वाले बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' हैशटैग तेजी से वायरल हो गया और इस आंदोलन की रूपरेखा बनी. हालांकि, बाद में सीजेआई ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणियां उन लोगों पर लक्षित थीं, जो फर्जी डिग्रियों के सहारे इस कानूनी पेशे में शामिल हो रहे हैं.

