Nishan Velupillay FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 की रणभूमि से भारत के लिए एक ऐसी ऐतिहासिक और गौरवशाली खबर सामने आई है, जिसने देश के खेल प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया है.
भले ही भारतीय फुटबॉल टीम इस वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं है, लेकिन टूर्नामेंट के एक बड़े मुकाबले में भारत का खून और नाम दोनों मजबूती से गूंजे हैं.
ऑस्ट्रेलिया (सॉकरूज) और तुर्की के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज ग्रुप-डी मुकाबले में भारतीय मूल के 25 वर्षीय स्टार फुटबॉलर निशान वेलुपिल्लई ने फीफा विश्व कप के मंच पर अपना ऐतिहासिक डेब्यू कर लिया है. निशान के इस डेब्यू और ऑस्ट्रेलिया की 2-0 से शानदार जीत ने वैश्विक मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
61वें मिनट में मैदान पर मारी एंट्री(Nishan Velupillay FIFA World Cup)
अपनी एंग्लो-इंडियन मां गिलियन वेलुपिल्लई के लाडले और ऑस्ट्रेलिया के सबसे उभरते हुए युवा खिलाड़ियों में शुमार निशान वेलुपिल्लई ने मैच के 61वें मिनट में सब्सटिट्यूट के तौर पर मैदान पर कदम रखा. उस वक्त तुर्की की टीम 1-0 से पिछड़ रही थी और उसके खिलाड़ी गोल दागने के लिए पागलों की तरह ऑस्ट्रेलियाई गोलपोस्ट पर हमले कर रहे थे. ऐसे नाजुक समय में निशान ने सॉकरूज के डिफेंस में 'चट्टान' बनकर मोर्चा संभाला. उन्होंने तुर्की के हर फॉरवर्ड मूव को अपनी सूझबूझ से नाकाम कर दिया और विपक्षी टीम के मंसूबों पर पानी फेरते हुए ऑस्ट्रेलिया के डिफेंस को टूटने नहीं दिया.
महज 8 मैचों में कूट चुके हैं 3 इंटरनेशनल गोल
निशान वेलुपिल्लई का इंटरनेशनल करियर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा रहा है. उन्होंने साल 2024 में चीन के खिलाफ फीफा विश्व कप क्वालीफायर में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, जहां मैदान पर आने के महज 7 मिनट के भीतर गोल दागकर उन्होंने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया था.
ऑस्ट्रेलिया के लिए अब तक खेले कुल 8 मैचों में निशान 3 शानदार गोल दाग चुके हैं. उनके इसी आक्रामक और भरोसेमंद प्रदर्शन को देखकर ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच टोनी पोपोविच ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें विश्व कप की अंतिम 26 सदस्यीय टीम में शामिल कर सीधा वर्ल्ड कप का टिकट थमा दिया.
तुर्की के 24 साल के अरमानों पर फिरा पानी
इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने तुर्की को 2-0 से पटखनी देकर 24 साल बाद विश्व कप के मंच पर वापसी कर रही तुर्की की टीम के जश्न के रंग में पूरी तरह भंग डाल दिया. मैच के 27वें मिनट में नेस्टोरी ईरानकुंडा ने एक बेहतरीन जवाबी हमले (Counter-Attack) पर शानदार फिनिशिंग करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 1-0 की बढ़त दिलाई.
इसके बाद, मैच के 75वें मिनट में कॉनर मेटकाफ ने टीम के लिए दूसरा गोल दागकर तुर्की की ताबूत में आखिरी कील ठोक दी. निशान वेलुपिल्लई के इस ऐतिहासिक डेब्यू (Nishan Velupillay FIFA World Cup) ने साबित कर दिया है कि दुनिया की बड़ी से बड़ी फुटबॉल लीग और वर्ल्ड कप के मैदानों पर अब भारतीय प्रतिभाओं का डंका बजना शुरू हो चुका है.
-भारत एक्सप्रेस

