Gold Silver Price Today: अगर आप भी सोने या चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं या फिर मार्केट की चाल पर नजर रखते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन के एक तीखे भाषण ने ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में भूचाल ला दिया है.
उनकी इस स्पीच के बाद सोने और चांदी की कीमतों में जुलाई के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. आइए जानते हैं कि इस एक बयान ने बाजार में ऐसा क्या असर दिखाया और आम निवेशकों पर इसका क्या मतलब है.
एक भाषण ने क्यों मचाया हड़कंप?
मई में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन का पद संभालने के बाद केविन वॉर्श ने महंगाई के मुद्दे पर अपना सख्त रुख साफ कर दिया है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि महंगाई को किसी भी कीमत पर 2% के लक्ष्य तक वापस लाना ही उनका मुख्य मकसद है. साथ ही, उन्होंने साफ कर दिया कि शॉर्ट-टर्म ब्याज दरें ही उनके पास सबसे बड़ा हथियार हैं. उनके इस बयान के आते ही ग्लोबल मार्केट में यह अटकलें तेज हो गईं कि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है. बस फिर क्या था, इस खबर के आते ही डॉलर मजबूत हुआ और कीमती धातुओं में बिकवाली शुरू हो गई.
कितनी आ गई है गिरावट?
इस ग्लोबल झटके का असर तुरंत सोने और चांदी पर देखने को मिला. विदेशी बाजारों (COMEX) में सोना करीब 3.5% फिसलकर 4502 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. अगर भारतीय रुपये के हिसाब से देखें, तो सोना सीधे 4,941 रुपये टूटकर करीब 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
वहीं चांदी का हाल और भी सुस्त रहा. चांदी में 4.5% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 66.31 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. भारतीय बाजार के लिहाज से देखें तो चांदी लगभग 9,576 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती होकर करीब 2.03 लाख रुपये के स्तर पर आ गई. हालांकि भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अभी भी सोना 1.56 लाख रुपये और चांदी 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही है.
आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी हो, लेकिन सोने की लंबी अवधि की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है. दुनियाभर के सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं और गोल्ड ईटीएफ में भी लगातार पैसा आ रहा है.
-भारत एक्सप्रेस

