US Iran Attack Hypersonic Missiles: करीब एक महीने की शांति के बाद ईरान में एक बार फिर अमेरिका हमला कर सकता है. इस हमले में ईरान के खिलाफ पहली बार हाइरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
अमेरिका की सेंट्रल कमांड के कमांडर ने बकायदा इसके बारे में ट्रंप को जानकारी दी है. जिसके मुताबिक अमेरिकी सेंट्रल कमांड, ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों को लेकर ट्रंप से बातचीत कर रहा है.
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में इस मामले को लेकर बैठक की, जिसमें ट्रम्प के सामने ये विकल्प पेश किए गए. इस बैठक में बताया गया कि अगर ट्रंप दोबारा ईरान पर हमला करने का फैसला करते हैं तो एक छोटा लेकिन बेहद ही ताकतवर हमला किया जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में ईरान की बची खुची सैन्य ताकत, नेता और रणनीतिक और सामरिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद किया जा सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय अब कुछ नए और बेहद आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल पर भी विचार कर रहा है. इनमें डार्क ईगल नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल शामिल है, जो करीब 2,000 मील (लगभग 3,200 किलोमीटर) तक मार कर सकती है. माना जा रहा है कि इस मिसाइल का इस्तेमाल ईरान के बचे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.
इसके साथ ही इलाके में B-1B लांसर बॉम्बर विमानों की तैनाती भी बढ़ाई जा रही है. ये विमान एक साथ बड़ी मात्रा में हथियार ले जाने में सक्षम होते हैं और हाइपरसोनिक हथियारों को भी ले जा सकते हैं.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. जिसमें उन्होंने कहा कि तूफान आगे बढ़ रहा है और इसे कोई नहीं रोक पायेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस धमकी का जवाब ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने दिया. उन्होंने कहा कि हम हमलावरों को समंदर में डुबो देंगे. उनके लिए फारस की खाड़ी में कोई जगह नहीं है.
ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर बढ़ रही टेंशन का असर तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा. गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत करीब 126 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. जो कि पिछले 4 सालों में सबसे ज्यादा है. हालांकि यह बात में कम होकर 115 पर आ गई.
-भारत एक्सप्रेस

