प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को उनके जन्मदिन पर दिल से बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं.
मैं ईश्वर से उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं.' कूटनीति और राजनीति से परे नेताओं के बीच इस तरह का संवाद हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने की खूबसूरती को दर्शाता है.
31 मई 1964 को एर्नाकुलम जिले के नेटूर में जन्मे वीडी सतीशन का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है. वे अपने माता-पिता (वदस्सेरी दामोदरा मेनन और वी. विलासिनी अम्मा) के चौथे बेटे हैं. वीडी सतीशन ने अपने कॉलेज के दिनों में कांग्रेस के छात्र संगठन 'केरल छात्र संघ' (KSU) के जरिए राजनीति का ककहरा सीखा था. जमीन से जुड़े इसी संघर्ष की बदौलत वे छात्र राजनीति से उठकर आज राज्य के सर्वोच्च पद यानी 13वें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं.
वीडी सतीशन के नाम कई बड़े राजनीतिक रिकॉर्ड दर्ज हैं. वे एर्नाकुलम जिले से आने वाले कांग्रेस के पहले मुख्यमंत्री हैं. इतना ही नहीं, वे केरल के इतिहास में छठे ऐसे नेता हैं, जो राज्य सरकार में बिना मंत्री बने सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुए हैं.
साल 2001 में वे पहली बार परवूर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे, और तब से लेकर अब तक वे लगातार छह बार यहां से चुनाव जीत चुके हैं. मुख्यमंत्री बनने से पहले, साल 2021 से 2026 तक उन्होंने 15वीं केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) के रूप में भी बेहद आक्रामक भूमिका निभाई थी.
राजनीति के साथ-साथ वीडी सतीशन शिक्षा के मामले में भी काफी आगे रहे हैं. नेटूर और पनांगड से शुरुआती स्कूलिंग के बाद उन्होंने सेक्रेड हार्ट कॉलेज से अपनी डिग्री पूरी की. इसके बाद उन्होंने राजगिरी कॉलेज से एमएसडब्ल्यू (MSW) किया और फिर तिरुवनंतपुरम लॉ अकादमी व गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की मास्टर डिग्री (LLM) हासिल की. वीडी सतीशन कांग्रेस संगठन में भी काफी सक्रिय रहे हैं, जहां वे 2006 में पार्टी के चीफ व्हिप, 2013 में तमिलनाडु के एआईसीसी सचिव और 2014 में केरल कांग्रेस के उपाध्यक्ष रह चुके हैं.
-भारत एक्सप्रेस

