मई का महीना शुरू होते ही आमतौर पर सूरज की तपिश लोगों का पसीना छुड़ाने लगती है, लेकिन इस बार कुदरत के इरादे कुछ और ही नजर आ रहे हैं. आज 3 मई है और देश के एक बड़े हिस्से में मौसम ने जबरदस्त करवट ले ली है.
कहीं आसमान से राहत की बूंदें गिर रही हैं, तो कहीं तेज धूल भरी आंधी लोगों को डरा रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज से अगले एक हफ्ते तक के लिए जो अपडेट जारी किया है, वह उन लोगों के लिए सुकून भरा है जो भीषण लू से परेशान थे.
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज यानी रविवार को मौसम पूरी तरह बदलने वाला है. अगर आप आज शाम कहीं बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो छाता साथ रखना न भूलें. मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है. आज दोपहर के बाद या शाम तक 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है. इससे न केवल तापमान 37 डिग्री के आसपास बना रहेगा, बल्कि प्रदूषण के स्तर (AQI) में भी सुधार होगा. यह सुहावना दौर सिर्फ आज तक सीमित नहीं है, सोमवार को भी हल्की फुहारें पड़ने के आसार हैं.
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए भी राहत की खबर है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से आज रात से ही लखनऊ समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी. अगले तीन दिनों तक यूपी में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है, जिससे पारे में गिरावट आएगी. बरेली, आगरा और बाराबंकी जैसे जिलों में रेन अलर्ट जारी किया गया है.
वहीं बिहार और झारखंड के लिए आने वाले 24 से 48 घंटे काफी भारी हो सकते हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 मई को बिहार और झारखंड में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाला तूफान आ सकता है और कई जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं. वज्रपात यानी बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है, इसलिए खराब मौसम में खुले मैदानों में जाने से बचें.
मध्य प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं. अगले 48 घंटों में कहीं पारा 2 डिग्री बढ़ेगा, तो कहीं आंधी-बारिश राहत देगी. भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, 5 मई तक ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा समेत कई जिलों में 60 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. खंडवा और खरगौन जैसे इलाकों में तापमान फिलहाल 43 डिग्री के आसपास है, लेकिन शाम की बारिश यहां भी ठंडक घोल देगी. छत्तीसगढ़ में भी आज और कल तेज तूफान की आशंका जताई गई है.
अगर आप उत्तराखंड या हिमाचल की पहाड़ियों पर घूमने गए हैं, तो सावधान रहें. 5 मई तक जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा. चमोली और उत्तरकाशी जैसे ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में ओले गिरने का अलर्ट है.
उधर राजस्थान में गर्मी ने तेवर दिखाए जरूर हैं (फलोदी में पारा 44 डिग्री पार है), लेकिन कल यानी 4 मई से यहां भी मौसम पलटी मारेगा. जयपुर, बीकानेर और अजमेर संभाग में तेज धूल भरी आंधी चलने की आशंका है, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है और तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी.
असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तो मानों मानसून ने पहले ही दस्तक दे दी है. यहां अगले 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. केरल के कुछ जिलों में तो भारी बारिश के चलते 'ऑरेंज अलर्ट' तक जारी करना पड़ा है.
-भारत एक्सप्रेस

