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मर्द तो यूं ही बदनाम हैं! गुटका खाने में इस राज्य की महीलाओं ने सबको पीछे छोड़ा; नंबर 1 पर यह जगह

मर्द तो यूं ही बदनाम हैं! गुटका खाने में इस राज्य की महीलाओं ने सबको पीछे छोड़ा; नंबर 1 पर यह जगह

ब भी देश में गुटका, खैनी या तंबाकू खाने की बात होती है, तो अक्सर लोगों के दिमाग में उत्तर प्रदेश या बिहार के पुरुषों की तस्वीर उभरती है. हम मानकर चलते हैं कि इन राज्यों के मर्द ही इस मामले में सबसे आगे हैं.

लेकिन नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने इस पुरानी सोच को पूरी तरह बदल दिया है. सच तो यह है कि तंबाकू उत्पादों के सेवन में अब देश की महिलाएं भी पुरुषों को कड़ी टक्कर दे रही हैं, और एक राज्य तो ऐसा है जहां की महिलाओं ने इस मामले में पुरुषों को भी पीछे छोड़ दिया है.

इस देश की महिलाएं नंबर वन

सर्वे के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी राज्य मिजोरम की महिलाएं तंबाकू चबाने के मामले में पूरे देश में टॉप पर हैं. यहां की करीब 62 फीसदी महिलाएं नियमित रूप से गुटका, खैनी या अन्य तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करती हैं. यह संख्या इतनी बड़ी है कि देश के कई राज्यों के पुरुषों का आंकड़ा भी इसके आगे छोटा नजर आता है.

अगर पूरे भारत की बात करें तो 15 साल से ऊपर के 38 प्रतिशत पुरुष और 9 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं. दिलचस्प बात यह है कि देश में सिर्फ 1 फीसदी महिलाएं शराब पीती हैं, जबकि 9 फीसदी महिलाएं तंबाकू चबाती हैं. यानी महिलाओं को शराब से ज्यादा गुटका और खैनी भा रहा है.

कम पढ़ी-लिखी आबादी में लत ज्यादा

इस रिपोर्ट में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों की महिलाओं में यह लत तेजी से पैर पसार रही है. गांवों में जहां 11 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं वहीं शहरों में यह आंकड़ा महज 6 प्रतिशत है. इसके पीछे एक बड़ी वजह शिक्षा की कमी भी है.

आंकड़े बताते हैं कि जो महिलाएं स्कूल नहीं गईं या पांचवीं से कम पढ़ी हैं, उनमें तंबाकू खाने की आदत (15%) ज्यादा है. वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लोगों में भी इसका चलन सबसे ज्यादा देखा गया है जहां 19 प्रतिशत महिलाएं और 51 प्रतिशत पुरुष तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं.

सेहत के लिए बड़ा खतरा

यूपी और बिहार जैसे राज्यों में भी अब ग्रामीण इलाकों की महिलाएं गुटके को एक सस्ते और आसानी से मिलने वाले नशे के तौर पर अपनाने लगी हैं. डॉक्टरों का कहना है कि यह आदत बेहद खतरनाक है. गुटका चबाने से न सिर्फ मुंह का कैंसर, दिल की बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ता है, बल्कि महिलाओं के लिए यह और भी घातक है.

गर्भावस्था के दौरान तंबाकू खाने से होने वाले बच्चे पर बहुत बुरा असर पड़ता है. इससे समय से पहले डिलीवरी और पैदा होने वाले बच्चे का वजन बेहद कम होने जैसी गंभीर दिक्कतें सामने आ रही हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि तनाव और सामाजिक स्वीकार्यता के चलते पूर्वोत्तर की महिलाएं इस लत की तरफ बढ़ रही हैं, जिसे रोकने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता की जरूरत है.

-भारत एक्सप्रेस

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Bharat Express Hindi