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मुंबई के गोराई में घोड़ों और बैलगाड़ियों की अवैध दौड़: हजारों की भीड़ और सट्टेबाजी का खेल; पुलिस ने दर्ज किया मामला

मुंबई के गोराई में घोड़ों और बैलगाड़ियों की अवैध दौड़: हजारों की भीड़ और सट्टेबाजी का खेल; पुलिस ने दर्ज किया मामला

Illegal Horse Race: मायानगरी मुंबई का गोराई इलाका सोमवार की सुबह एक अलग ही वजह से सुर्खियों में रहा. अमूमन अपनी शांति और समुद्र तट के लिए मशहूर इस इलाके में कल सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही धूल का गुबार और घोड़ों की टापों की आवाजें गूंजने लगीं.

6 अप्रैल को तड़के करीब 6:30 बजे यहां घोड़ों और बैलगाड़ियों की एक अवैध दौड़ आयोजित की गई थी. इस आयोजन की सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि इसके लिए न तो प्रशासन से कोई अनुमति ली गई थी और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम थे. बावजूद इसके, इस दौड़ को देखने के लिए वहां हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, जिसने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर रख दीं.

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पशु अधिकार कार्यकर्ता पल्लवी पाटिल को इस अवैध दौड़ की भनक लगी. पल्लवी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं ताकि बेजुबान जानवरों के साथ हो रही इस क्रूरता को रिकॉर्ड कर सकें. जैसे ही उन्होंने अपने कैमरों से दौड़ की रिकॉर्डिंग शुरू की, वहां मौजूद दर्शकों और आयोजकों का गुस्सा भड़क उठा. देखते ही देखते पल्लवी पाटिल और वहां मौजूद भीड़ के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. भीड़ ने न केवल रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश की, बल्कि कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी भी की. इस हंगामे के बाद मामला गोराई पुलिस स्टेशन पहुंचा, जहां पल्लवी पाटिल की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

पुलिस को शक है कि ये दौड़ महज मनोरंजन के लिए नहीं थी. तड़के सुबह हजारों लोगों का एक जगह इकट्ठा होना और बिना किसी आधिकारिक अनुमति के इतना बड़ा आयोजन करना, किसी बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है.

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस दौड़ के पीछे लाखों रुपये की सट्टेबाजी चल रही थी. घोड़ों और बैलगाड़ियों पर दांव लगाए जा रहे थे, जो कि पूरी तरह गैरकानूनी है. गोराई पुलिस अब उन आयोजकों की तलाश कर रही है जिन्होंने कानून को ताक पर रखकर ये जोखिम भरा खेल खेला. पुलिस उन वीडियो फुटेज को भी खंगाल रही है ताकि दोषियों की पहचान की जा सके.

इस तरह की दौड़ में अक्सर जानवरों को तेज भगाने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, जो पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत अपराध है. पल्लवी पाटिल ने अपनी शिकायत में इस बात पर जोर दिया है कि संकरी सड़कों पर हजारों की भीड़ के बीच घोड़ों को दौड़ाना न केवल जानवरों के लिए जानलेवा है, बल्कि वहां मौजूद लोगों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करता है. अगर कोई घोड़ा अनियंत्रित हो जाता, तो वहां बड़ी जनहानि हो सकती थी. फिलहाल गोराई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि इस अवैध खेल के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके.

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-भारत एक्सप्रेस

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