Odisha Snake Incident: ओडिशा के बौद्ध जिले से एक बेहद दिल देहला देने वाला मामला सामने आया है. जहा खिड़की से अंदर घुसे एक सांप ने पैरालिसिस के मरीज को बिस्तर पर दो घंटे तक बंधक बनाए रखा.
परिजनों की सूझबूझ और धैर्य के चलते मरीज को बिना काटे सुरक्षित बचा लिया गया और सांप को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया.
ओडिशा के बौद्ध जिले में खुली खिड़की से घुसे एक विशाल सांप ने सो रहे लकवाग्रस्त व्यक्ति को पौराणिक 'नाग फांस' की तरह दो घंटे तक जकड़े रखा (Snake traps man for 2 hours). मरीज की आवाज सुनकर पहुंचे परिजनों ने बिना घबराए बेहद सूझबूझ और धैर्य के साथ सावधानी से सांप को हटाने का प्रयास किया. आखिरकार दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सांप ने अपनी पकड़ ढीली की, जिससे मरीज की जान सुरक्षित बच सकी और बाद में सांप को बिना नुकसान पहुंचाए जंगल में छोड़ दिया गया.
ओडिशा के बौद्ध जिले के अडेनीगढ़ गांव से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां रहने वाले कृष्णचंद्र साहू लकवे (paralysis) के मरीज हैं, जिसके कारण उनके शरीर का एक हिस्सा पूरी तरह बेजान है. 30 मई की रात जब वह अपने कमरे में सो रहे थे, तभी खुली खिड़की के रास्ते एक विशाल सांप अंदर घुस आया और सीधे उनके शरीर पर चढ़कर उन्हें बुरी तरह जकड़ लिया (Nag Phans real story).
जब कृष्णचंद्र की आंख खुली तो वह खुद को सांप की गिरफ्त में पाकर सहम गए, लेकिन लाचारी के कारण हिल भी नहीं सके. उनकी डर और दर्द भरी आवाज सुनकर जब परिवार के लोग कमरे में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए. सांप ने उन्हें पौराणिक 'नाग फांस' (snake trap) की तरह जकड़ रखा था.
घरवालों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सांप को बिना उकसाए हटाने की थी, क्योंकि जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी. परिजनों ने सूझबूझ और धैर्य दिखाते हुए करीब दो घंटे तक सावधानी से रेस्क्यू का प्रयास किया . आखिरकार, दो घंटे बाद सांप ने अपनी पकड़ ढीली की और कृष्णचंद्र सुरक्षित बच गए. बाद में सांप को बिना नुकसान पहुंचाए जंगल में छोड़ दिया गया (Baudh snake rescue).
-भारत एक्सप्रेस

