चैत्र नवरात्रि के पावन नौ दिनों में पूरा देश मां दुर्गा की भक्ति में सराबोर है. बहुत से भक्त इन नौ दिनों तक उपवास रखते हैं. श्रद्धा अपनी जगह है, लेकिन व्रत के दौरान सबसे बड़ी चुनौती होती है खुद को पूरे दिन एनर्जेटिक बनाए रखना.
अक्सर खाली पेट रहने या सिर्फ फल खाने से शाम होते-होते शरीर में सुस्ती और थकान महसूस होने लगती है. ऐसे में हमारी रसोई में मौजूद एक छोटा सा मोती जैसा दाना आपके लिए 'सुपरफूड' का काम कर सकता है, और वो है साबूदाना.
साबूदाना न केवल हल्का और सुपाच्य है, बल्कि यह व्रत के दौरान शरीर को जरूरी पोषण देने का सबसे बेहतरीन जरिया भी है. आइए जानते हैं कि आखिर क्यों साबूदाना व्रत में आपकी सेहत का सबसे अच्छा साथी माना जाता है.
बहुत से लोग सोचते हैं कि साबूदाना अनाज है, लेकिन असल में यह कसावा (टैपिओका) नाम के पौधे के कंद से तैयार किया जाता है. छोटे-छोटे सफेद दानों के रूप में मिलने वाला साबूदाना पकने के बाद एकदम पारदर्शी और नरम हो जाता है. चाहे आप इसकी खिली-खिली खिचड़ी बनाएं या मखमली खीर, ये स्वाद और सेहत दोनों में लाजवाब है.
साबूदाना सिर्फ पेट भरने के काम नहीं आता, इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, आयरन और पोटेशियम जैसे तत्वों का खजाना छुपा है.
तुरंत मिलती है ऊर्जा: व्रत में जब शुगर लेवल गिरने लगता है, तब साबूदाना शरीर को झटपट ग्लूकोज और एनर्जी प्रदान करता है. इसे सुबह नाश्ते में लेने से आप दोपहर तक खुद को तरोताजा महसूस करते हैं.
पाचन के लिए रामबाण: अक्सर व्रत में लोगों को गैस, अपच या कब्ज की समस्या हो जाती है. साबूदाने में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और पेट को हल्का महसूस कराता है.
हड्डियों और दिल का रखे ख्याल: इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम हड्डियों को मजबूती देता है, वहीं पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखते हैं, जिससे दिल की सेहत बनी रहती है.
वजन और डायबिटीज में संतुलन: अगर आप इसे सही तरीके से (कम घी-तेल में) पकाते हैं, तो यह वजन को बढ़ने नहीं देता. फाइबर और प्रोटीन की मौजूदगी ब्लड शुगर को भी स्थिर रखने में मदद करती है.
साबूदाना सेहतमंद तभी रहता है जब उसे सही तरीके से बनाया जाए. इसे बनाने से पहले 2-3 घंटे भिगोना जरूरी है ताकि यह अच्छी तरह फूल जाए.
खिचड़ी: अगर आप खिचड़ी बना रहे हैं, तो इसमें उबले हुए आलू, करी पत्ता, और भुनी हुई मूंगफली जरूर डालें. मूंगफली इसके प्रोटीन लेवल को और बढ़ा देती है.
सावधानी: कोशिश करें कि इसमें ज्यादा चीनी या बहुत ज्यादा घी का इस्तेमाल न करें, ताकि इसकी पौष्टिकता बरकरार रहे.
तो इस नवरात्रि, सिर्फ साबूदाना खाएं ही नहीं, बल्कि इसे अपनी सेहत का सुरक्षा कवच बनाएं. यह हल्का फलाहार आपको भक्ति के साथ-साथ शक्ति भी देगा.
-भारत एक्सप्रेस

