पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi)का एक बयान इन दिनों काफी चर्चा में है. देश के आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच उन्होंने सार्वजनिक मंच से स्वीकार किया कि पाकिस्तान की मौजूदा व्यवस्था अब प्रभावी नहीं रह गई है.
उनका कहना था कि लोग इस बात को मानें या न मानें, लेकिन जिस सिस्टम के सहारे देश चल रहा है, वह लगभग पूरी तरह बिखर चुका है. उनके इस बयान को पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति पर सरकार के भीतर से आई बड़ी कबूलनामा माना जा रहा है.
70 साल पुराने मॉडल पर उठाए सवाल
अपने संबोधन के दौरान नकवी ने कहा कि पाकिस्तान पिछले करीब 70 वर्षों से जिस प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचे के तहत आगे बढ़ रहा है, वह देश को अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाया. उन्होंने कहा कि केवल लोकतंत्र की बात करना काफी नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था किस तरह काम कर रही है. उनके अनुसार, यदि मौजूदा सिस्टम में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले दस वर्षों बाद भी देश उन्हीं समस्याओं से जूझता रहेगा जिनका सामना आज कर रहा है.
बयान पर लोगों ने बजाईं तालियां
मोहसिन नकवी जब मंच से व्यवस्था की नाकामी का जिक्र कर रहे थे, तब कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनकी बात का स्वागत किया. आमतौर पर सरकार के मंत्री अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हैं, लेकिन इस बार गृह मंत्री ने खुले तौर पर सिस्टम की कमजोरियों की बात की. इससे साफ संकेत मिला कि आम लोगों के बीच भी मौजूदा व्यवस्था को लेकर असंतोष मौजूद है.
क्यों अहम माना जा रहा है यह बयान?
पाकिस्तान लंबे समय से महंगाई, आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे दौर में देश के गृह मंत्री का यह कहना कि मौजूदा व्यवस्था काम नहीं कर रही, काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि उन्होंने किसी संस्था या व्यक्ति को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया, लेकिन इतना जरूर कहा कि पुराने ढर्रे पर चलते रहने से हालात नहीं बदलेंगे. अब इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या पाकिस्तान की सरकार व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी या यह मामला केवल बयानबाजी तक ही सीमित रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस

