बिहार पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) के कथित सनातन धर्म से जुड़े बयान को लेकर शनिवार को लखनऊ में विरोध प्रदर्शन (Lucknow Protest) देखने को मिला. विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं ने गोमती नगर स्थित विशाल खंड-2 कार्यालय के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी की और सांसद का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया.
संगठन ने इस पूरे मामले को धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बताते हुए पप्पू यादव से सार्वजनिक माफी की मांग की है.
'अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं'
प्रदर्शन में संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और कहा कि किसी भी धर्म, उसकी परंपराओं या संत समाज के बारे में अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती. संगठन का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में अनावश्यक विवाद पैदा करते हैं और लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाते हैं.
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारत की संत परंपरा देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उनके मुताबिक किसी एक व्यक्ति की घटना या व्यवहार के आधार पर पूरे संत समाज या भगवा वेशभूषा पर सवाल उठाना उचित नहीं माना जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू यादव की कथित टिप्पणी से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं.
करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया
गोपाल राय ने यह भी दावा किया कि पप्पू यादव द्वारा पहने गए कुर्ते पर श्रीराम मंदिर की तस्वीर अंकित थी. उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और लंबे संघर्ष का प्रतीक है. ऐसे में जिन लोगों पर गंभीर आरोप लगते रहे हों, उनके द्वारा इस तरह के प्रतीक का इस्तेमाल करना भी लोगों की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकता है.
उन्होंने आगे कहा कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर जब सनातन परंपरा, साधु-संतों या श्रीराम मंदिर से जुड़े विषयों पर विवादित बयान सामने आते हैं, तो उसका असर केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं तक पहुंचता है. इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों का चयन करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
मोदी सरकार से कर दी मांग
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है. संगठन ने यह भी कहा कि यदि पप्पू यादव ने कथित बयान के लिए सार्वजनिक रूप से सनातन समाज और संत समुदाय से माफी नहीं मांगी, तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा. फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.
-भारत एक्सप्रेस

