PM Modi Myanmar Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और म्यांमार के बीच संबंधों को मजबूत बनाने और कई अहम मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा की.
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और हिंद-प्रशांत नीति का एक महत्वपूर्ण साझेदार देश है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस मुलाकात की जानकारी साझा की. उन्होंने लिखा कि भारत के लिए यह सम्मान की बात है कि म्यांमार के राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना. पीएम ने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि राष्ट्रपति ह्लाइंग ने अपनी यात्रा की शुरुआत भगवान बुद्ध की पवित्र नगरी बोधगया से की.
प्रधानमंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों देशों के रिश्तों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से मजबूत और दोस्ताना संबंध रहे हैं, जिन्हें आगे और मजबूत किया जाएगा.
प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा,
हमारी बातचीत में व्यापार, रेयर अर्थ्स, हेल्थकेयर, कनेक्टिविटी, हेरिटेज रेस्टोरेशन और कैपेसिटी बिल्डिंग में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर बात हुई. हम समुद्री सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और दूसरे क्षेत्र में मिलकर काम करने पर भी सहमत हुए.
इससे पहले, नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में हुई विस्तृत वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की.
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि म्यांमार में शांति और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत हर तरह की मदद को तैयार है. उन्होंने संघीय शासन व्यवस्था और आर्थिक विकास के अनुभव साझा करने की भी बात कही.
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति की बातचीत व्यापक रही और दोनों देशों ने शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि भारत म्यांमार के लिए एक भरोसेमंद पड़ोसी और संकट के समय में पहला सहयोगी है.
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट और महासागर नीतियों के अनुरूप भारत हमेशा म्यांमार का सहयोग करता रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस

