Ram Mandir Construction: राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने आज बताया कि मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है. अब बहुत कम काम बचे हैं. काम तेज गति से चल रहा है, इसलिए सभी कार्य जल्द ही पूरे होने की पूरी उम्मीद है.
राम मंदिर का शिलान्यास 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. उसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ. मुख्य मंदिर की तीन मंजिलें बन चुकी हैं. पहली मंजिल पहले ही पूरी हो गई थी. अब बाकी काम अंतिम चरण में हैं. लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और टाटा कंसल्टेंसी जैसी बड़ी कंपनियां इस कार्य को संभाल रही हैं. मंदिर 161 फीट ऊंचा है और पूरे परिसर में भव्य निर्माण हो रहा है.
नृपेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अब कुछ काम बाकी हैं. इनमें वेंडरों को मजदूरी का भुगतान चेक करना, सभी कागजात ट्रस्ट को जमा कराना शामिल है. फिलहाल करीब 50 ऐसे प्रश्न हैं जिनकी समीक्षा चल रही है. सभी विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. लक्ष्य है कि अप्रैल के पहले इन सभी कामों को पूरा कर लिया जाए.

अभी बाउंड्री वॉल का काम बाकी है. कल इसकी समीक्षा हुई. सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण पुलिस विभाग समय-समय पर सुझाव दे रही है. 25 वॉच टावर लगाने का फैसला हो चुका है. इनकी पूरी रूपरेखा को मंजूरी मिल गई है. अब बाकी कार्य उसी के अनुसार किए जाएंगे. यह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत जरूरी है.
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि जल्द ही संग्रहालय का निरीक्षण किया जाएगा. वहां की स्क्रिप्ट पर सहमति ली जा रही है. उसके बाद कौन सी तकनीक इस्तेमाल होगी, यह तय होगा. पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा. पुराने अस्थायी मंदिर को भी स्मारक में बदला जा रहा है.

राम मंदिर परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 1900 करोड़ रुपये है. अब तक लगभग 1600 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) का भुगतान किया जा चुका है. शिलान्यास से लेकर अब तक काम चरणबद्ध तरीके से चला. पहले मुख्य मंदिर का निर्माण, फिर परिसर का विकास और अब अंतिम सुविधाएं जैसे बाउंड्री वॉल, वॉच टावर और संग्रहालय. जनता से दान के रूप में 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि आई, जिसमें से निर्माण पर काफी हिस्सा खर्च हुआ. नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट ने पारदर्शी तरीके से सभी भुगतान किए.
राम मंदिर के निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया. राजस्थान के पत्थरों से मंदिर बनाया गया. नक्काशी और शिल्पकारी बहुत सुंदर है. कोविड जैसी चुनौतियों के बावजूद काम रुका नहीं. 2024 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी निर्माण जारी रहा. अब अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है. इससे मंदिर पूरी तरह तैयार हो जाएगा और भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

राम मंदिर पूरा होने के बाद रखरखाव के लिए छोटी यूनिटें स्थापित की जाएंगी. पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. मंदिर न सिर्फ धार्मिक केंद्र बनेगा बल्कि सांस्कृतिक धरोहर भी बनेगा.
राम मंदिर का निर्माण भारत की आस्था का प्रतीक है. नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार सभी काम समय पर पूरे होंगे. अप्रैल तक मंदिर पूरी तरह तैयार हो जाएगा. लाखों भक्तों का सपना साकार होने जा रहा है. यह ऐतिहासिक पल देश के लिए गर्व का विषय है.

