मध्य प्रदेश के जबलपुर का शांत दिखने वाला बरगी डैम गुरुवार शाम एक ऐसी जल-समाधि में बदल गया, जिसने पर्यटन के सुनहरे पन्नों को खून और आंसुओं से भिगो दिया. नदी के किनारे से महज़ 300 मीटर की दूरी पर मौत का वो तांडव हुआ, जिसे देखकर (Bargi Dam Accident) बरसों बाद भी रूह कांप जाएगी.
दरअसल पर्यटन विभाग का 20 साल पुराना क्रूज 60 सैलानियों के सपनों को लेकर निकला था, लेकिन अचानक आई एक तेज आंधी और प्रशासन की लापरवाही ने उसे 20 फीट गहरे पानी में दफन कर दिया. हादसे में अब तक 9 शव बरामद हो चुके हैं, 24 जिंदगियां बचाई गई हैं और 9 लोग अब भी उस अथाह पानी के अंधेरे में कहीं खोए हुए हैं.
इस पूरे हादसे (Bargi Dam Accident) की सबसे दर्दनाक तस्वीर मरिना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की है. जब शुक्रवार सुबह रेस्क्यू टीम ने पानी के अंदर खिड़की में फंसे शवों को निकाला, तो गोताखोरों की आंखें भी नम हो गईं. मरिना ने डूबते वक्त अपने बच्चे को अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर समेट लिया था. उसने त्रिशान को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि मौत का क्रूर झोंका भी माँ-बेटे की उस आखिरी आलिंगन को तोड़ नहीं पाया.
दोनों के शव एक-दूसरे की बाहों में जकड़े हुए मिले. दिल्ली से घूमने आए इस परिवार में पिता प्रदीप और बेटी सिया तो बच गए, लेकिन उनके कलेजे का टुकड़ा और जीवनसंगिनी लहरों की भेंट चढ़ गए. यह मंजर चीख-चीख कर कह रहा था कि मौत के सामने सिर्फ माँ की ममता ही थी, जो अंत तक हार नहीं मान रही थी.
हादसे (Bargi Dam Accident) के बाद जब प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे, तो उनका बयान संवेदनशीलता पर नमक छिड़कने जैसा था. जब उनसे सुरक्षा और डीजल बोट पर सवाल हुआ, तो उन्होंने कह दिया— 'नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है, मुझे इसकी जानकारी ही नहीं है.
यह बयान हैरान करने वाला इसलिए है क्योंकि जिस विभाग के वे मंत्री हैं, उसी का 20 साल पुराना क्रूज वहां सरेआम चल रहा था. क्या मंत्री को वाकई नहीं पता था कि उनके विभाग का क्रूज वहां डीजल से चल रहा है या यह जवाबदेही से बचने का एक बहाना था? इस बयान ने साफ कर दिया कि सिस्टम कितना लापरवाह और जानकारी से कटा हुआ है.
हादसे का एक और डरावना सच यह है कि जिन लोगों के शव मिले, उन्होंने लाइफ जैकेट पहन रखी थी. आमतौर पर लाइफ जैकेट इंसान को पानी के ऊपर रखती है, लेकिन यहाँ कहानी उलट गई. मंत्री के ही अनुसार, संभवतः क्रूज के निचले चैम्बर में पानी इतनी तेजी से भरा कि लोग लाइफ जैकेट पहने होने के बावजूद छत और खिड़कियों के बीच फंस गए.
बता दें कि जैकेट उन्हें ऊपर की ओर धकेल रही थी, लेकिन क्रूज उल्टा होने के कारण वे पानी से बाहर निकलने के बजाय छत से चिपक गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई. सुरक्षा उपकरण तो थे, लेकिन क्रूज की कंडोम हालत और डिजाइन उनके लिए 'डेथ ट्रैप' बन गया.
-भारत एक्सप्रेस

