Tai Chi Fitness Benefits: तेज रफ्तार जिंदगी, बढ़ता तनाव और लगातार स्क्रीन के सामने बिताए जा रहे समय के बीच लोग अब ऐसे फिटनेस विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जो शरीर के साथ-साथ मन को भी सुकून दें.
इसी वजह से चीन की सदियों पुरानी मार्शल आर्ट और व्यायाम पद्धति ताई ची एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है. चेन्नई में भी फिटनेस और वेलनेस से जुड़े लोगों के बीच इसका चलन बढ़ता नजर आ रहा है. ताई ची में शरीर को तेजी से थकाने वाली एक्सरसाइज के बजाय धीमी और नियंत्रित गतिविधियों पर जोर दिया जाता है. इसमें हाथ-पैरों की लयबद्ध मुद्राओं के साथ सांस लेने की तकनीक और शरीर के संतुलन को महत्व दिया जाता है.
तनाव कम करने से लेकर बेहतर संतुलन तक
आधुनिक जीवनशैली में तनाव, बेचैनी और शारीरिक निष्क्रियता आम समस्याएं बनती जा रही हैं. ऐसे में ताई ची लोगों को एक ऐसा विकल्प दे रही है, जिसमें व्यायाम के साथ मानसिक शांति पर भी ध्यान दिया जाता है. इस अभ्यास में लगातार और नियंत्रित तरीके से शरीर को एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा में ले जाया जाता है. इससे शरीर की गतिशीलता, लचीलापन और संतुलन पर काम किया जा सकता है. खासकर ऐसे लोग, जो बहुत अधिक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट पसंद नहीं करते, उनके लिए ताई ची आकर्षक विकल्प बन रही है.
फिटनेस स्टूडियो से पार्क तक पहुंचा अभ्यास
चेन्नई में ताई ची का अभ्यास अब केवल पारंपरिक मार्शल आर्ट सीखने वालों तक सीमित नहीं है. कुछ लोग इसे सुबह की दिनचर्या, योग और अन्य वेलनेस गतिविधियों के साथ जोड़ रहे हैं. पार्कों और खुले स्थानों में समूह के रूप में इसका अभ्यास भी देखने को मिल रहा है. फिटनेस विशेषज्ञों के मुताबिक, ताई ची की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम प्रभाव वाली गतिविधियां हैं. हालांकि, इसे शुरू करने से पहले प्रशिक्षित शिक्षक से सही तकनीक सीखना जरूरी है, ताकि गलत मुद्रा या गतिविधि से चोट का जोखिम न रहे.
पुरानी परंपरा, नए दौर की जरूरत
ताई ची की लोकप्रियता यह संकेत देती है कि आधुनिक फिटनेस की दुनिया में लोग केवल वजन कम करने या मांसपेशियां बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहते. अब फिटनेस के साथ मानसिक सुकून, संतुलन और बेहतर जीवनशैली भी महत्वपूर्ण हो गए हैं. यही वजह है कि सदियों पुरानी ताई ची आज के दौर में नए अंदाज के साथ वापस अपनी जगह बना रही है.
भारत एक्सप्रेस

