Uttarakhand Heavy Rain: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अगले 18 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है.
कई जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों व भूस्खलन प्रभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की है.
10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है. यह चेतावनी 1 सितंबर की शाम से 2 सितंबर की सुबह तक प्रभावी रहेगी.
नैनीताल और अल्मोड़ा में रेड अलर्ट
नैनीताल और अल्मोड़ा के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना है. चौखुटिया, रानीखेत, रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर और भवाली जैसे क्षेत्रों में मौसम बेहद खराब रहने की चेतावनी दी गई है. यहां गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बताया गया है.
तीन जिलों में स्कूल बंद
भारी बारिश के चलते नैनीताल, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है. प्रशासन ने पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा है. संवेदनशील इलाकों में SDRF की टीमें तैनात की गई हैं. लोगों से कहा गया है कि बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें.
पिथौरागढ़ में सड़कें बंद
पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश से भूस्खलन हुआ है. जिले की 17 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है. मुन्ना बैंड के पास भारी मलबा आने से यातायात ठप हो गया है. करीब 400 वाहन अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं. प्रशासन सड़कों को खोलने की कोशिश कर रहा है.
नदियों का जलस्तर बढ़ा
काली, रामगंगा, सरयू और गोरी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. कई नाले और नदी उफान पर हैं. प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है. पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है. लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है. प्रशासन ने लोगों से चेतावनियों पर ध्यान देने और आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने को कहा है.
-भारत एक्सप्रेस

