Vagdhaara Samman Samaroh 2026: मुंबई में साहित्य, संस्कृति और समाज से जुड़े दिग्गजों ने 'वाग्धारा सम्मान समारोह 2026' के मंच पर शिरकत की. भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
समारोह के मंच से बोलते हुए उन्होंने सबसे पहले राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की मौजूदगी पर आभार प्रकट किया. वे उन्हें 1997 से जानते हैं. जब वे लखनऊ में ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर में थे, तब शिव प्रताप शुक्ल उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मिनिस्टर थे. लगभग 44 वर्षों से शुक्ल जी ईमानदार राजनीति करते हुए आमजन के बीच में हैं.
उन्होंने वाग्धारा संस्था के प्रयास की प्रशंसा की, जो निरंतर साहित्य और संस्कृति की सेवा में जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि समाज के छिपे हुए नायकों और अपने-अपने क्षेत्रों में शिखर छूने वाली हस्तियों को सम्मानित करना केवल उनका सम्मान नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक पावन दीप जलाने जैसा है.

भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने मंच से कई शेर भी पढ़े, जिनमें एक अदम गोंडवी का शेर था…
इन पंक्तियों को बोलने में उनका तात्पर्य था कि वक्त की फितरत हमेशा एक जैसी नहीं रहती. जीवन में चाहे जितनी भी मुश्किलें या चुनौतियां (आंधियां और बिजलियां) आ जाएं, लेकिन जिसके भीतर की सकारात्मकता, लगन और सत्यनिष्ठा मजबूत होती है, उसे आगे बढ़ने और कामयाब होने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती. प्रकृति का यह नियम अटल है कि जो फूल खिलने के लिए बने हैं, वे हर विपरीत परिस्थिति से लड़कर भी खिलते ही हैं.
उन्होंने अल्लामा इकबाल का शेर पढ़ा-
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
इस शेर में 'नर्गिस' (एक प्रकार का फूल जो इंसानी आँख जैसा दिखता है) को प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया गया है. इक़बाल कहते हैं कि सदियों (हज़ारों साल) तक यह नर्गिस का फूल अपनी रोशनी/दृष्टि न होने पर आंसू बहाता रहता है. उसी तरह, इस दुनिया (चमन) में सच्ची दूरदृष्टि और अंतर्दृष्टि रखने वाला कोई महान इंसान या मार्गदर्शक सदियों में बहुत मुश्किल से पैदा होता है.


समारोह में सम्मानित की गईं जानी-मानी हस्तियां
वाग्धारा सम्मान समारोह 2026 में देश-समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले दिग्गज नजर आए. समारोह में कला, साहित्य, राजनीति और प्रशासन से जुड़ी कई दिग्गज हस्तियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मंच पर अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया.
- तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने गरिमापूर्ण शिरकत की. उन्होंने मंच से संबोधन भी दिया.
- मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी - सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में बेहतर समन्वय के लिए सम्मानित किए गए.
- दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद - सिनेमा जगत और कला के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक की अनुकरणीय सेवा के लिए सम्मानित किए गए.
- गजेंद्र चौहान (महाभारत सीरियल में युधिष्ठिर बने थे) और अभिनेता सचिन खेडेकर, जिन्होंने फिल्म 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस: द फॉरगॉटन हीरो' में मुख्य भूमिका निभाई थी. वे भी मंच पर मौजूद रहे. इनके अलावा भी कई विभूतियों को उनके विशिष्ट कार्यों के लिए वाग्धारा के मंच से नवाजा गया.

वाग्धारा सम्मान समारोह में न केवल कई सज्जन सम्मानित हुए, बल्कि इसने देश के प्रबुद्ध वर्ग को एक मंच पर लाकर यह साबित कर दिया कि जब तक सत्य, साहस और समर्पण की त्रिवेणी जीवित है, समाज में सकारात्मक बदलाव की बयार बहती रहेगी. वहीं, भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय ने हाल के कार्यक्रमों में भी जीवन, समाज और पत्रकारिता के अंतर्संबंधों पर गहराई से प्रकाश डाला. उन्होंने इस पर जोर दिया कि आज के आधुनिक और डिजिटल युग में जब सूचनाओं की बाढ़ आई हुई है, तब सकारात्मक विचारों और समाजोपयोगी सरोकारों की महत्ता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है.






समारोह का पूरा वीडियो चैनल पर यहां देखें:
यह पूरा कार्यक्रम भारत एक्सप्रेस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर दुनिया भर के दर्शकों के लिए लाइव प्रसारित किया गया.
जीवन में चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति की सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्य ही समाज का मार्गदर्शन करते हैं; जब तक हम अपनी जड़ों, भाषा और संस्कृति से जुड़े रहेंगे, तब तक देश की प्रगति अक्षुण्ण रहेगी.

