Aaj Ka Panchang 05 April 2026: आज 05 अप्रैल 2026, दिन रविवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो सुबह 11:59 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा.
रविवार का पावन दिन ग्रहों के राजा सूर्यदेव को समर्पित है, साथ ही आज संकष्टी चतुर्थी होने के कारण भगवान श्री गणेश की विशेष आराधना की जाएगी. आज के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और यश-कीर्ति की प्राप्ति होती है.
आज का दिन विशेष रूप से 'विकट संकष्टी चतुर्थी' के पावन व्रत के लिए जाना जाता है. मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से मानसिक शांति और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज चंद्रमा तुला राशि और 'विशाखा नक्षत्र' में संचरण कर रहे हैं. हालांकि, आज दोपहर तक 'भद्रा' का साया भी रहेगा. सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुभ मुहूर्तों और राहुकाल के समय का ज्ञान होना आपके लिए नितांत आवश्यक है.
पंचांग के अनुसार, आज वैशाख कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 11:59 बजे तक मान्य रहेगी, इसके पश्चात चतुर्थी तिथि लग जाएगी. रविवार का दिन सरकारी कार्यों, मान-सम्मान की प्राप्ति और नई ऊर्जा के संचार के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.
आज 'विशाखा नक्षत्र' रहेगा जो देर रात (6 अप्रैल, 12:08 AM) तक प्रभावी रहेगा. योग की बात करें तो आज दोपहर 02:44 बजे तक 'वज्र योग' रहेगा. इसके साथ ही आज सुबह 11:59 बजे तक 'विष्टि करण' यानी भद्रा का प्रभाव रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों को टालना बेहतर होता है.
आज सूर्य देव मीन राशि में विराजमान हैं. वहीं, चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में गोचर करेंगे. तुला राशि का चंद्रमा संतुलित व्यवहार और सामाजिक संबंधों में मधुरता लाता है.
किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को आरंभ करने के लिए आज 'अभिजीत मुहूर्त' का समय सबसे श्रेष्ठ है. चतुर्थी का पूजन शाम को चंद्रोदय के समय किया जाएगा.
आज रविवार को शाम के समय 'राहुकाल' रहेगा, जिसमें कोई भी नया शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है. इसके अलावा भद्रा काल (सुबह 11:59 तक) में भी मांगलिक कार्य न करें.
आज 'विकट संकष्टी चतुर्थी' का पावन पर्व मनाया जा रहा है. वैशाख कृष्ण चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. इस दिन भगवान गणेश के 'विकट' स्वरूप की पूजा की जाती है. मान्यता है कि जो व्यक्ति आज व्रत रखकर शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देता है, उसके जीवन के बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं.
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निष्कर्ष के तौर पर, 5 अप्रैल 2026 का दिन 'संकष्टी चतुर्थी' की भक्ति और सूर्य देव की ऊर्जा से भरा है. सुबह भद्रा और शाम को राहुकाल (05:07 PM के बाद) के कारण आपको सावधान रहना होगा. संकष्टी चतुर्थी का पूजन और महत्वपूर्ण कार्य 'अभिजीत मुहूर्त' या शाम के गोधूलि मुहूर्त में करना फलदायी होगा. गणेश जी का ध्यान कर अपने दिन की शुरुआत करें, सब मंगलमय होगा.

