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इश्क़ का खूनी खेल : पहले आशिक की बेरहमी से हत्या, फिर साक्ष्य मिटाने के लिए कातिलों ने प्रेमिका को भी उतारा मौत के घाट

इश्क़ का खूनी खेल : पहले आशिक की बेरहमी से हत्या, फिर साक्ष्य मिटाने के लिए कातिलों ने प्रेमिका को भी उतारा मौत के घाट

त्तर प्रदेश के बागपत और सहारनपुर के बीच एक ऐसी 'खूनी प्रेम कहानी' का पर्दाफाश हुआ है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। यह मामला किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जहां पहले एक प्रेमिका ने अपने प्रेमी की जान ली और फिर सबूत मिटाने के लिए खुद प्रेमिका को भी मौत की नींद सुला दिया गया।

अफसर की हत्या और नहर में शव

मामले की शुरुआत बागपत से हुई, जहां डूडा विभाग में सिटी मिशन मैनेजर के पद पर तैनात विक्रांत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में गुमशुदगी दर्ज हुई। जांच में पता चला कि विक्रांत की महिला मित्र राखी कश्यप ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें गोली मार दी थी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से विक्रांत के शव को कार में लादकर सहारनपुर की एक नहर में फेंक दिया गया।

जब प्रेमिका ही बन गई बोझ

पुलिस विक्रांत की तलाश कर ही रही थी कि 10 दिनों के भीतर एक और लाश मिलने से मामला पेचीदा हो गया। यह शव विक्रांत की तथाकथित प्रेमिका राखी कश्यप का था। पुलिस के अनुसार, राखी के साथियों को डर था कि अगर राखी पकड़ी गई, तो वे सब फंस जाएंगे। इसी डर के चलते उन्होंने उस राज को ही खत्म करने का फैसला किया जिसने जुर्म की शुरुआत की थी। राखी की हत्या उन्हीं लोगों ने की, जिन्होंने विक्रांत के कत्ल में उसका साथ दिया था।

पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी

सहारनपुर और बागपत पुलिस की संयुक्त जांच ने इस डबल मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने वारदात में शामिल कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि मुख्य आरोपी सुधारस चौहान अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस अब इस पूरी वारदात के पीछे के सटीक मकसद और साजिश की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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