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कानपुर पुलिस का फर्जी मार्कशीट गिरोह के सरगना के घर दबिश, पत्नी ने अंगीठी में जला दीं फर्जी डिग्रियां, ट्रैकआन कंपनी की 221 पार्सल स्लिप बरामद

कानपुर पुलिस का फर्जी मार्कशीट गिरोह के सरगना के घर दबिश, पत्नी ने अंगीठी में जला दीं फर्जी डिग्रियां, ट्रैकआन कंपनी की 221 पार्सल स्लिप बरामद

कानपुर : रविवार सुबह कानपुर पुलिस ने फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने और बेचने के नेटवर्क से जुड़े तीसरे गैंग के लीडर और 25,000 रुपये के इनामी अखिलेश शुक्ला के उन्नाव के आदर्श नगर स्थित घर पर छापा मारा।

सरगना की पत्नी ने अंगीठी में कई मार्कशीट और डिग्रियां जला दीं। हालांकि, पुलिस ने उसके तीन मंजिला घर से जेएस यूनिवर्सिटी शिकोहाबाद और महाराजा अग्रसेन हिमालयन यूनिवर्सिटी गढ़वाल की तीन-तीन मार्कशीट और कूरियर सर्विस के 250 लिफाफे, डीटीडीसी कूरियर की 21 पार्सल स्लिप, ट्रैकन कंपनी की 221 पार्सल स्लिप बरामद की हैं।

इस गैंग के दो आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया

पुलिस सरगना अखिलेश की पत्नी से उसके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है। दूसरी ओर, पुलिस ने इस गैंग के दो आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया। 17 फरवरी को पुलिस ने साकेत नगर से फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उसके पास से नौ राज्यों की 14 यूनिवर्सिटी और माध्यमिक शिक्षा परिषद की एक हजार से ज़्यादा नकली मार्कशीट और डिग्री बरामद की गईं।

जांच के लिए SIT बनाई गई

इसकी जांच के लिए SIT बनाई गई और एक-एक करके छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम ने 8 जून की रात बेकनगंज के हीरामन का पुरवा से इससे जुड़े दूसरे गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस उनके पीछे के नेटवर्क का पता लगा रही थी।

इस बीच, फीलखाना पुलिस के हाथ एक लिफाफा लगा, जिसमें कौशांबी के कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां थीं। यह लिफाफा बिजनौर से दिल्ली भेजा जाना था। जांच में पता चला कि ये मार्कशीट और डिग्रियां असल में इटावा के कटरा के बर्रा-दो निवासी अमित सक्सेना और जालौन के कदौरा बावनी स्टेट के विनायकपुर, रावतपुर निवासी गोपालजी गुप्ता भेज रहे थे।

मोबाइल फोन नंबर ट्रेस किया और दोनों को पकड़ लिया

पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मोबाइल फोन नंबर ट्रेस किया और दोनों को पकड़ लिया। दोनों ने बताया कि गैंग का लीडर उन्नाव के आदर्श नगर, शहर थाना क्षेत्र का रहने वाला अखिलेश शुक्ला और उसका भाई निखिलेश है। पुलिस ने रविवार को उनके घर पर दबिश दी तो वे दोनों घर पर नहीं मिले।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि अखिलेश DPS फाउंडेशन और उत्कर्ष एकेडमी के नाम से कोचिंग चलाता है। इसके पांच अकाउंट में 2015 से अब तक 50 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला है। अप्रैल में जेल से बाहर आने के बाद गोपालजी के अकाउंट से उसके अकाउंट में 90 लाख का ट्रांजेक्शन मिला। वहां पकड़ा गया अमित MBA करने में फेल है।

बिना मार्कशीट-डिग्री पास किए आने वाले स्टूडेंट्स को फंसाता था

वह कंप्यूटर सेंटर चलाता है और वहां बिना मार्कशीट-डिग्री पास किए आने वाले स्टूडेंट्स को फंसाता था। इसके लिए वह छह से 25 हजार रुपये लेता था। उसके तीन बैंक अकाउंट में सात करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन मिला। वहीं, गोपालजी ने युवा एजुकेशन इंस्टीट्यूट, जेबी इंस्टीट्यूट एजुकेशन नाम से एक संस्था बना रखी थी, जिसके तीन अकाउंट में करीब सात करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।

पत्नी ने अंगीठी में कुछ मार्कशीट जला दी

वहीं, पुलिस टीम ने रविवार सुबह अखिलेश के घर पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। उसकी पत्नी ने अंगीठी में कुछ मार्कशीट जला दी हैं। घर से कई सर्टिफिकेट और कूरियर कंपनी के लिफाफे और पर्चियां मिली हैं। टीमें किंगपिन की तलाश में हैं। उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चौथे गैंग की तलाश में जुटी टीम, छह नंबरों की CDR खंगाल रही है ।

चौथे गैंग की तलाश में एक टीम दिल्ली भेजी गई

फर्जी मार्कशीट और डिग्री मामले में दिल्ली से ऑपरेट हो रहा एक चौथा गैंग अब पुलिस की रडार पर आ गया है। इस गैंग की तलाश में पुलिस अब गोपालजी गुप्ता, अमित सक्सेना, अखिलेश शुक्ला और उसके भाई निखिलेश समेत छह नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवा रही है। चौथे गैंग की तलाश में एक टीम दिल्ली भेजी गई है।

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