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सपा प्रमुख अखिलेश यादव की महिला रिजर्वेशन बिल पर प्रतिक्रिया, 2011 जनगणना के इस्तेमाल पर उठाए सवाल.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की महिला रिजर्वेशन बिल पर प्रतिक्रिया, 2011 जनगणना के इस्तेमाल पर उठाए सवाल.

Uttar-Pradesh: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को महिला रिजर्वेशन बिल के लिए सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों की आलोचना की और सवाल उठाया कि सरकार 2011 की जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल क्यों कर रही है।

उनका कहना है कि इस बिल को लागू करने के लिए वर्तमान जनसंख्या डेटा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, न कि 2011 के पुराने आंकड़ों का।

बता दें, अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह प्रस्ताव एक-तिहाई रिजर्वेशन का है, लेकिन यह एक-तिहाई 2011 की जनगणना के आधार पर कैलकुलेट किया जा रहा है। क्या 2011 में आबादी उतनी ही थी? तब से आबादी बढ़ी है। रिजर्वेशन में आज की ज़मीनी हकीकत दिखनी चाहिए, न कि 2011 के आंकड़े।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले ही पुराने आंकड़ों का इस्तेमाल कर यह तय कर लिया है कि महिलाओं को कौन सी सीटें दी जाएं, और इतने जल्दी रिजर्वेशन लागू करने का कारण भी समझ से बाहर है।

बता दें, अखिलेश यादव ने आगे कहा, "2011 के आंकड़ों के आधार पर योजना बनाना आसान है, लेकिन 2026 में होने वाली जनगणना के आधार पर नया डेटा प्राप्त होगा। यदि रिजर्वेशन 2026 के बाद लागू किया जाता है, तो नई जनगणना के आंकड़ों का उपयोग क्यों नहीं किया जा सकता?" उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार महिला रिजर्वेशन के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक स्वार्थसिद्धि के लिए पुराने आंकड़ों का फायदा उठा रही है।

वहीं, अखिलेश यादव ने 2011 की जनगणना को लेकर अपनी आलोचना करते हुए कहा, "2011 के बाद आबादी बढ़ी है, और महिलाओं की संख्या में भी वृद्धि हुई होगी। रिजर्वेशन की बात हो रही है तो उसे आज की स्थिति और आबादी के अनुसार देखा जाना चाहिए।" उनका मानना है कि महिला रिजर्वेशन के मुद्दे पर चर्चा मौजूदा सामाजिक-आर्थिक यथार्थ को ध्यान में रखकर होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि 2026 के बाद नई जनगणना के आंकड़ों के आधार पर रिजर्वेशन की योजना बनाई जानी चाहिए। इस समय में महिला रिजर्वेशन बिल को लेकर बहस और चर्चाएं जारी हैं, क्योंकि महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें रिजर्व करने का प्रस्ताव है। हालांकि, अखिलेश यादव का मानना है कि पुराने आंकड़ों के आधार पर ऐसी योजनाएं बनाना सही नहीं है।

महिला रिजर्वेशन बिल पर सरकार के इस कदम का उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिला आरक्षण को डीलिमिटेशन प्रक्रिया से अलग करना है। इस विधेयक को पास करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता होगी और इसके लिए 2/3 बहुमत का समर्थन जरूरी है, जिसके लिए सरकार विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने में जुटी हुई है। इसके अलावा, सरकार की योजना है कि महिला रिजर्वेशन को 2029 से लागू किया जाए।

अखिलेश यादव की टिप्पणी उस समय आई है जब सरकार महिला रिजर्वेशन बिल को लेकर जल्द से जल्द फैसला लेने की कोशिश कर रही है, और विशेष संसदीय सत्र 16 अप्रैल से शुरू होगा।

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