Super Typhoon Bavi: प्राकृतिक आपदाएं कई बार ऐसी चुनौती बन जाती हैं, जिनके सामने दुनिया की सबसे आधुनिक सैन्य ताकत भी बेबस नजर आती है. इस बार ऐसा ही नजारा अमेरिका के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण प्रशांत क्षेत्र में देखने को मिला, जहां सुपर टाइफून 'बावी' ने भारी तबाही मचाई है.
तेज रफ्तार हवाओं, मूसलाधार बारिश और ऊंची समुद्री लहरों ने गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप समूह को बुरी तरह प्रभावित किया है. यही वह इलाका है, जहां अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में शामिल एंडरसन एयर फोर्स बेस और नेवल बेस गुआम स्थित हैं. इन ठिकानों का इस्तेमाल बी-2 स्टील्थ बॉम्बर समेत कई अत्याधुनिक सैन्य विमानों और नौसैनिक संसाधनों के लिए किया जाता है. ऐसे में यह तूफान केवल एक मौसम संबंधी घटना नहीं, बल्कि अमेरिका की रणनीतिक तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. इस साल के सबसे शक्तिशाली तूफानों में शामिल है बावी मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सुपर टाइफून बावी वर्ष 2026 के सबसे ताकतवर उष्णकटिबंधीय तूफानों में गिना जा रहा है. इसकी तीव्रता कैटेगरी-5 के बराबर आंकी गई है, जो किसी भी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती है. तूफान ने सबसे पहले रोटा द्वीप को प्रभावित किया और इसके बाद गुआम, टिनियन तथा सायपन तक इसका असर देखने को मिला. कई इलाकों में लगभग 290 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि कुछ स्थानों पर इससे भी अधिक गति वाले झोंके दर्ज किए गए. लगातार हो रही भारी बारिश और समुद्री लहरों ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. पहले से सतर्क हुई अमेरिकी सेना तूफान की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन और सेना ने पहले ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए थे. संवेदनशील सैन्य उपकरणों, विमानों और अन्य रणनीतिक संसाधनों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई. वहीं स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी और कई क्षेत्रों में राहत एवं आश्रय केंद्र भी खोले गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. अमेरिका के लिए इतना अहम क्यों है गुआम? प्रशांत महासागर में स्थित गुआम अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक सैन्य केंद्र माना जाता है. यहां मौजूद एंडरसन एयर फोर्स बेस लंबी दूरी तक मिशन संचालित करने वाले बमवर्षक विमानों और आधुनिक लड़ाकू विमानों के संचालन का प्रमुख केंद्र है. इसके साथ ही नेवल बेस गुआम अमेरिकी नौसेना के लिए भी बेहद अहम भूमिका निभाता है. यहां युद्धपोतों के अलावा परमाणु पनडुब्बियां भी तैनात रहती हैं. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में किसी भी संभावित सैन्य तनाव या आपात स्थिति में अमेरिका की शुरुआती सैन्य प्रतिक्रिया का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से संचालित किया जा सकता है. यही वजह है कि गुआम को अमेरिकी रक्षा रणनीति की रीढ़ माना जाता है. बी-2 स्टील्थ बॉम्बर से क्या है इस बेस का संबंध? एंडरसन एयर फोर्स बेस समय-समय पर अमेरिकी वायुसेना के बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर की तैनाती के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह दुनिया के सबसे उन्नत रणनीतिक बमवर्षक विमानों में गिना जाता है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुश्मन के रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक मिशन पूरा करने में सक्षम है. पिछले कुछ वर्षों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका कई अवसरों पर बी-2 बॉम्बर्स को गुआम भेज चुका है. इसलिए इस एयरबेस पर किसी भी प्रकार का संकट केवल स्थानीय सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि अमेरिका की सैन्य रणनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जाता है. तूफान से कितना बड़ा खतरा पैदा हुआ? अमेरिकी मौसम एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि सुपर टाइफून बावी के कारण कई क्षेत्रों में विनाशकारी हवाएं, अचानक बाढ़ और समुद्री जलभराव जैसी गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं. कुछ इलाकों में 30 से 50 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति, संचार सेवाएं और सार्वजनिक ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है. प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है. प्राकृतिक आपदा बनी रणनीतिक चुनौती सुपर टाइफून बावी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक सैन्य शक्ति होने के बावजूद प्राकृतिक आपदाओं के सामने किसी भी देश को सतर्क रहना पड़ता है. गुआम जैसे रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर आए इस संकट ने अमेरिका के लिए केवल राहत और बचाव का ही नहीं, बल्कि सैन्य तैयारियों को सुरक्षित बनाए रखने की भी चुनौती खड़ी कर दी है. आने वाले दिनों में तूफान की तीव्रता और उसके प्रभाव पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी, क्योंकि इसका असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है.

