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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए समुद्र के नीचे बनेगी 20 किमी लंबी सुरंग, रेल मंत्री करेंगे शुभारंभ

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए समुद्र के नीचे बनेगी 20 किमी लंबी सुरंग, रेल मंत्री करेंगे शुभारंभ

Bharat24 1 week ago

ई दिल्ली: देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. मुंबई और अहमदाबाद के बीच बनने वाली हाई-स्पीड रेल लाइन के लिए अब भूमिगत सुरंग की खुदाई शुरू होने जा रही है.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार, 5 जुलाई को मुंबई के विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्टेशन तक बनने वाली सुरंग की खुदाई का शुभारंभ करेंगे. इसके साथ ही भारत में पहली बार इस परियोजना के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का इस्तेमाल शुरू होगा.

बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत बनने वाली यह सुरंग कुल 20.37 किलोमीटर लंबी होगी. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें करीब 7 किलोमीटर का हिस्सा समुद्र के नीचे बनाया जाएगा. पूरी सुरंग जमीन से लगभग 65 मीटर की गहराई में तैयार की जाएगी, जिससे यह भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल हो गई है.

पहली बार होगा टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल

इस सुरंग की खुदाई के लिए दो अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) लगाई गई हैं. इन मशीनों का निर्माण जर्मनी में किया गया है और इन्हें मार्च 2026 में समुद्री मार्ग से भारत लाया गया था. सुरंग निर्माण का काम एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सौंपा गया है, जो इस पूरे भूमिगत हिस्से का निर्माण कर रही है.

बीकेसी और शिलफाटा को जोड़ेगी सुरंग

यह सुरंग मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) और शिलफाटा को आपस में जोड़ेगी. कुल 20.37 किलोमीटर में से 15.4 किलोमीटर हिस्से की खुदाई टनल बोरिंग मशीनों से की जाएगी. वहीं, बाकी 4.8 किलोमीटर हिस्से का निर्माण ड्रिल-एंड-ब्लास्ट तकनीक से पहले ही पूरा किया जा चुका है.

दो मशीनें मिलकर करेंगी खुदाई

नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारियों के अनुसार, रेल मंत्री एक बटन दबाकर पहली टनल बोरिंग मशीन का संचालन शुरू करेंगे. यह मशीन विक्रोली में जमीन से 56.6 मीटर की गहराई पर स्थापित की गई है और यहां से बीकेसी स्टेशन की ओर लगभग 5.8 किलोमीटर लंबी सुरंग की खुदाई करेगी.

वहीं दूसरी टनल बोरिंग मशीन के हिस्सों को फिलहाल सावली में जोड़ा जा रहा है. इसके जल्द तैयार होने की उम्मीद है. यह मशीन सावली से विक्रोली तक 9.7 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाएगी, जिसमें 7 किलोमीटर का समुद्र के नीचे वाला हिस्सा भी शामिल होगा.

हर महीने 300 मीटर तक होगी खुदाई

दोनों टनल बोरिंग मशीनों की क्षमता हर महीने करीब 300 मीटर तक सुरंग की खुदाई करने की है. इन मशीनों की मदद से सुरंग निर्माण का काम पहले के मुकाबले अधिक सुरक्षित और तेज़ी से पूरा किया जाएगा.

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी होने के बाद ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ेंगी. इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. साथ ही यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल यात्रा की सुविधा मिलेगी.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Bharat24