Sheikh Hasina Speech: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत से वर्चुअल माध्यम के जरिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान वह कई बार भावुक नजर आईं. अपने परिवार के सदस्यों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने देश और लोगों से कभी अलग नहीं हुईं.
शेख हसीना ने कहा, "मैं उस व्यक्ति के तौर पर बात कर रही हूं, जिसने अपनी पूरी जिंदगी बांग्लादेश के लोगों के साथ बिताई है. मुझे अपने देश से दूर जाने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन मैं कभी भी अपने लोगों से दूर नहीं हुई."
"यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसे हमने बनाया था"
अपने संबोधन में शेख हसीना ने पिछले दो सालों में बांग्लादेश में हुए बदलावों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज का बांग्लादेश वह नहीं है, जिसके निर्माण के लिए 1971 में लाखों लोगों ने बलिदान दिया था.
उन्होंने जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं था. उनके मुताबिक, उनकी सरकार ने बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ संगठित समूहों ने छात्रों की मांगों को राजनीतिक हिंसा में बदलने की कोशिश की.
बेटे सजीब वाजेद ने वापसी का किया ऐलान
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद भी शामिल हुए. सजीब वाजेद ने अपने संबोधन में कहा कि शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने का फैसला किया है.
इससे पहले अधिवक्ता शाह मोहम्मद बख्तियार ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार की आलोचना की. उन्होंने शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मुकदमे को गलत बताया.
बांग्लादेश में कट्टरपंथ बढ़ने का दावा
बांग्लादेश के पूर्व राजनयिक और खुफिया अधिकारी अमीनुल हक पोलाश ने दावा किया कि शेख हसीना सरकार के हटने के बाद देश में कट्टरपंथ और उग्रवाद बढ़ा है. उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेश में आतंकवाद और इस्लामी कट्टरपंथ की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, जो पूरे दक्षिण एशिया के लिए चिंता का विषय है.
"राजनीतिक साजिश के कारण निर्वासन में हैं हसीना"
बांग्लादेशी लेखक और राजनीतिक विश्लेषक अबू ओबैधा अरिन ने कहा कि शेख हसीना राजनीतिक साजिश के कारण देश से बाहर हैं. उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश में हाल के समय में कई परेशानियां बढ़ी हैं और लोगों को यात्रा समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि लोगों को अभी भी उम्मीद है और युवा दोबारा आगे आ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि शेख हसीना के नेतृत्व में बांग्लादेश ने आर्थिक विकास के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की थी.
"बदला लेने नहीं लौट रहीं शेख हसीना"
पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने कहा कि शेख हसीना का बांग्लादेश लौटने का फैसला बदला लेने के लिए नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं, अल्पसंख्यकों और पत्रकारों के खिलाफ हिंसा जैसी घटनाओं को रोकने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि काफी नुकसान हो चुका है और अब हालात सुधारने की दिशा में काम करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि शेख हसीना बांग्लादेश की जनता के लिए लौटना चाहती हैं, न कि किसी से बदला लेने के लिए.
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