Rudhauli, Basti : ईरान-इजराइल युद्ध की शुरुआत के बाद देश में फैली एलपीजी रसोई गैस की किल्लत की खबरों ने आम आदमी को लाइनों में खड़ा कर दिया। सरकार के प्रतिनिधि बार-बार कहते नजर आते हैं कि देश में तेल और रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है और पर्याप्त भंडार मौजूद हैं, फिर भी जनता इसे मानने को तैयार नहीं है।
दो देशों में लड़ाई के एक महीने बीत जाने के बाद भी गैस एजेंसियों के बाहर आज भी लाइन कम नहीं हो रही।
रसोई गैस उपभोक्ता गैस एजेंसी मालिकों पर मनमानी करने का आरोप लगा रहे हैं। कई लोग सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहते हैं, फिर भी खाली हाथ लौटने के लिए विवश होते हैं। लोगों का कहना है कि गैस एजेंसी संचालक होम डिलीवरी नहीं दे रहे, फिर भी 975 रुपये ले रहे हैं, जबकि तेल कंपनियां घर तक पहुंचाने का पैसा जोड़कर लेती हैं।
पूनम गैस सर्विस के गोदाम, सुरवार खुर्द में लाइन में लगे लोगों ने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं को दो बार गोदाम पर लाइन लगानी पड़ती है एक बार पर्ची कटवाने के लिए और दूसरी बार गैस सिलेंडर लेने के लिए। इस पर उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है क्योंकि उन्हें दूर-दूर से आना पड़ता है, जिससे उनका अनावश्यक समय और पैसा बर्बाद होता है।
इस संबंध में गैस एजेंसी मालिक राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए टोकन व्यवस्था अपनाई गई है। कई उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि गैस बुकिंग करने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पा रही थी, जबकि उनके मोबाइल पर “गैस डिलीवर्ड” का मैसेज आ जाता था। इसी को देखते हुए टोकन सिस्टम लागू किया गया है ताकि कोई उपभोक्ता वंचित न रहे।
होम डिलीवरी के संबंध में उन्होंने बताया कि स्थिति सामान्य होते ही इसे पुनः शुरू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, नियमानुसार सभी को गैस सिलेंडर मिलेगा।

