कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इस बीच पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक उग्र भीड़ ने कथित रूप से उनके काफिले को घेर लिया। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी पर पथराव किया गया और अंडे फेंके गए। घटना में उन्हें चोटें भी आईं।
स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उन्हें सुरक्षा घेरे में लिया और हेलमेट पहनाकर सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में उन्हें उपचार के लिए कोलकाता के बैले व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पांच आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तपन माइती और आकाश भी शामिल हैं, जिनकी मौजूदगी कथित रूप से घटना से जुड़े वीडियो फुटेज में देखी गई है। पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान करने और मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
ममता का कथित ऑडियो वायरल
घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमले की कड़ी निंदा की। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल हो गई, जिसमें ममता बनर्जी अस्पताल के एक अधिकारी से नाराजगी जताती हुई सुनाई दे रही हैं।
वायरल ऑडियो में वह कथित तौर पर कहती सुनाई देती हैं, “सॉरी मिस्टर टंडन, आपने गलत किया है। हमने आपकी जो मदद की है, उसे याद रखिए। भगवान आपको माफ नहीं करेगा। आप लोगों को गुमराह कर रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए।”
ऑडियो के एक अन्य हिस्से में वह कथित तौर पर यह भी कहती सुनाई देती हैं कि, “आप अस्पताल चला रहे हैं और अभी केंद्र में भाजपा की सरकार है। कल अगर केंद्र सरकार नहीं रही तो हम इसका ध्यान रखेंगे।”
हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इसकी आधिकारिक सत्यता की पुष्टि की गई है।
अस्पताल प्रशासन पर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी की हालत गंभीर नहीं थी तो उन्हें आईटीयू में क्यों रखा गया था, और यदि स्थिति गंभीर थी तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी क्यों दी गई।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा देने में दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि उनके शरीर में खून के थक्के बने हुए हैं और यदि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
घर पर होगा इलाज
ममता बनर्जी ने बताया कि अब अभिषेक बनर्जी का उपचार घर पर ही किया जाएगा। इसके लिए घर में अस्पताल जैसी चिकित्सा व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर समेत अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में अभिषेक की तबीयत बिगड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।
भाजपा पर साधा निशाना
घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। साथ ही पश्चिम बंगाल की जांच एजेंसी सीआईडी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
दूसरी ओर भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

